Buxar News: आसमान से बरसते आग की तपिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

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Buxar News: आसमान से बरसते आग की तपिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

जिले में सोमवार को तापमान 41 डिग्री रहा. जिस कारण सुबह से लेकर देर शाम तक लोग तीखी धूप से परेशान रहे.

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बक्सर

. जिले में सोमवार को तापमान 41 डिग्री रहा. जिस कारण सुबह से लेकर देर शाम तक लोग तीखी धूप से परेशान रहे. तापमान में वृद्धि का सिलसिला जारी है. तापमान बढ़ने के कारण प्रचंड धूप में आमजन सहित पशु पक्षी भी बेहाल हैं. कड़ी धूप की वजह से घर से बाहर निकलते ही लोगों के चेहरे झुलसने लग रहे हैं. सड़कों पर दिखने वाले लोग भी चेहरा और हाथ आदि ढक कर निकल रहे हैं. बाइक व साइकिल से चलने वाले हेलमेट, टोपी व गमछा बांधकर निकल रहे हैं. चिकित्सकों का कहना है कि तेज धूप और गर्मी में डिहाइड्रेशन और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. चिकित्सकों ने सुझाव दिया कि बहुत जरूरी हो तभी दोपहर में घर से बाहर निकलें. तेज धूप और गर्म हवाओं से लू लगने की संभावना रहती है. लोगों को बाहर निकलने से पहले खूब पानी का सेवन करना चाहिए. चिकित्सकों ने शरीर ढक कर ही बाहर निकलने की सलाह दी है. शासन-प्रशासन ने लू से बचने के लिये हर रोज अर्लट जारी कर रहा है. पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बाजार व सड़क सुबह दस बजते ही सन्नाटा में तब्दील हो जा रहा है. वही भीषण गर्मी व लू के प्रभाव को देखते हुए सदर अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई युक्त अन्य अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित वातानुकूलित आकस्मिक वार्ड का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है. मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री रहा. मगर गर्म पछुआ हवाओं के कारण ऐसा लग रहा था कि सूरज से आग निकल रहा है. गर्म हवा के कारण और तीखी धूप से लोगों का चेहरा झुलस जा रहा है. हीट स्ट्रोक के कारण लोग डिहाइड्रेशन के भी शिकार हो रहे हैं.तेज धूप के कारण सब्जियों पर भी असर

सूरज की गर्मी से आम आदमी तो परेशान हैं ही अब किसानों की सब्जियों पर भी इसका असर दिखना शुरू हो गया है. जिसके चलते खेतों में सब्जियों की बचाव को लेकर किसान दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं. जिला के नया भोजपुर, सिमरी, कोरानसराय समेत गंगा के दियरा इलाकों में बड़ी मात्रा में विभिन्न जगहों पर किसान हरी सब्जियों की खेती कर अपना जीविकोपार्जन करते हैं. लेकिन कुछ दिनों से तेज धूप की मार से सब्जी की खेती करने वाले किसानों के पसीने छूट रहे हैं. इलाके के किसान जितेंद्र सिंह, वीरेंद्र नोनिया, सुरेंद्र पटेल ने बताया कि इलाके के कई जगहों के किसान हरी सब्जियों की खेती कर अपना जीवन बसर करते हैं. लेकिन लगातार मौसम की मार ने किसानों को परेशान करके रख दिया है. इस हालत में तेज धूप और लू के बीच हरी सब्जियों की खेती की सिंचाई किसानों को अपने निजी ट्यूबवेल के सहारे ही करनी पड़ रही है. जिसके चलते किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. किसानों ने बताया कि इलाके में किसान हरी मिर्च, करेला, भिंडी, लौका, बैगन, नेनुआ आदि की खेती करते हैं. जिसका समय-समय पर सिंचाई करना जरूरी होता है. ताकि फसल बेहतर होकर अच्छी पैदावार दे सके. जिससे किसानों को बेहतर फसल का लाभ मिल सके. लेकिन धूप व गर्म हवा के कारण किसानों के खेतों में लगी हरी सब्जी खराब होती है. किसानों का कहना है कि लाख परिश्रम के बाद भी किसानों को सब्जी की खेती में सिंचाई करने में आर्थिक मार झेलने के बावजूद भी सब्जी की खेती से लाभ नहीं मिल पाता है. जबकि जिले में बड़े पैमान पर सब्जी की खेती होती है. किसानों ने बताया कि तेज धूप की मार से सब्जी की खेती झुलस रही हैं. तेज धूप व पानी की कमी के चलते पत्ते मुरझाकर गिर जाते हैं. जिसके चलते हरी सब्जी की खेती करने वाले किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

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Raviranjan Kumar Singh

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