Buxar News: अंदर बैठे रहे जज, बाहर धरना देते रहे कर्मी

Updated at : 16 Jan 2025 9:31 PM (IST)
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Buxar News: अंदर बैठे रहे जज, बाहर धरना देते रहे कर्मी

क्सर न्याय मंडल के कर्मचारी की पूर्व से घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को शुरू हो गया हड़ताल के कारण न्यायिक कार्य पूरी तरह बाधित रहा तथा एक दो अदालतों को छोड़कर अन्य किसी अदालत में न्यायिक कार्य होता नहीं दिखायी दिया

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बक्सर कोर्ट.

बक्सर न्याय मंडल के कर्मचारी की पूर्व से घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को शुरू हो गया हड़ताल के कारण न्यायिक कार्य पूरी तरह बाधित रहा तथा एक दो अदालतों को छोड़कर अन्य किसी अदालत में न्यायिक कार्य होता नहीं दिखायी दिया. गुरुवार को सुबह से ही न्यायालय के सैकड़ों कर्मचारी न्यायालय पहुंच प्रांगण में अपना धरना प्रदर्शन शुरू कर दिए.

इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बबन ओझा व महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पांडे ने भी सभा को संबोधित किया उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कर्मचारियों की मांगों को सरकार को तत्काल मान लेना चाहिए. इस बीच दिन भर सभा को वक्ताओं ने संबोधित किया. कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अखौरी राकेश कुमार सिन्हा ने कहां की जब तक सरकार उनकी चार सूत्री मांगों को पूरा नहीं करेंगी वे लोग लगातार हड़ताल जारी रख अपना प्रदर्शन करते रहेंगे.

न्यायालय में लटके रहे ताले :

कर्मचारियों ने अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार को हड़ताल कर दिया जिसके चलते न्यायालय कक्ष में ताले लटके रहे हालांकि उन्होंने एक दिन पूर्व सभी न्यायालयों के चाबियां का गुच्छा न्यायाधीश को समर्पित कर दिया था लेकिन हड़ताल के कारण बहुत कम न्यायालय कक्ष के ताले खुल सके तथा कुछ न्यायालयों को छोड़कर अन्य किसी न्यायालय में सुनवायी नहीं हो सकी. इस बीच दूर दराज से आने वाले पक्षकारों को समझ में नहीं आ रहा था कि वे अपने मुकदमे की पैरवी कैसे करें, ऐसे में उन्होंने न्यायालय कक्ष के बंद दरवाजे के हैंडल में अपनी हाजिरी पैरवी लगा दिया.

सूना पड़ा रहा बरामदा :

प्रतिदिन अत्यधिक भीड़ से भरा रहने वाला न्यायालय का बरामदा गुरुवार को पूरी तरह सुना पड़ा रहा. दिन भर इक्का-दुक्का लोग या पुलिस वाले घूमते नजर आये. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में प्रतिदिन औसतन 15 से 20 जमानत के आवेदनों की सुनवाई की जाती है लेकिन हड़ताल के कारण गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी ,वहीं वादकारियों को उपस्थिति के लिए न्यायालय से लगायी जाने वाली पुकार को नहीं सुना गया. शराब संबंधित उत्पाद न्यायालय में उपस्थित किए जाने वाले बंदियों को भी नहीं देखा गया. हड़ताल के कारण लाखों रुपये के न्याय शुल्क व उत्पाद अधिनियम का जुर्माने की वसूली नहीं हो सकी जिसे बड़े राजस्व की क्षति माना जा सकता है. वहीं हड़ताल के कारण दूर-दराज से आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, साथ ही हड़ताल को लेकर बक्सर न्यायालय के लगभग 250 कर्मचारी धरने पर हैं जिसका नेतृत्व कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अखौरी राकेश कुमार सिंहा कर रहे हैं. इस अवसर पर अजय कुमार, कमरआलम संजय कुमार ,संतोष कुमार, सीमा रंजन, जीशान खान, अमरेंद्र भारती, के के ओझा, शंकर कुमार बनर्जी के अलावे सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित थे.

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