बक्सर के रामरेखाघाट में 18वें धर्मायोजन का समापन, श्रीमद्भागवत कथा के साथ हुआ महाप्रसाद वितरण

Edited by Suryakant Kumar
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18वें धर्मायोजन का सोमवार को भव्य समापन

Buxar News: बक्सर के रामरेखाघाट स्थित श्री रामेश्वर नाथ मंदिर परिसर में सर्वजन कल्याण सेवा समिति द्वारा आयोजित 18वें धर्मायोजन का सोमवार को भव्य समापन हो गया. आठवें दिन श्रीमद्भागवत कथा और श्रीलक्षमीनारायण यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया.

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बक्सर से ओंकार नाथ मिश्र की रिपोर्ट
Buxar News:
बक्सर शहर के ऐतिहासिक रामरेखाघाट स्थित श्री रामेश्वर नाथ मंदिर परिसर में आध्यात्मिक बयार बहती रही. सर्वजन कल्याण सेवा समिति, सिद्धाश्रम धाम द्वारा आयोजित आठ दिवसीय 18वें धर्मायोजन का सोमवार को समापन हो गया. अंतिम दिन भंडारे में महाप्रसाद वितरण के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ. इससे पहले सुबह के सत्र में मंडप पूजन, हवन, ब्राह्मण भोज, देव विसर्जन और विदाई की रस्में विधि-विधान से पूरी की गईं, जिसके बाद श्रीमद्भागवत कथा और श्रीलक्षमीनारायण यज्ञ की पूर्णाहुति हुई.

आयोजन समिति के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने बताया कि समिति का यह पावन संकल्प है कि जन कल्याण के लिए सभी 18 पुराणों की कथा आयोजित कराई जाएगी. इसी शृंखला में यह 18वां धर्मायोजन पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से संपन्न हुआ. सोमवार सुबह 6 बजे से ही पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी, जिसके बाद आयोजित पूर्णाहुति में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. भक्तों ने यज्ञ की पवित्र अग्नि में आहुति देकर सनातन परंपरा को जीवंत किया.

करुणामयी कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

धर्मायोजन के आठवें और अंतिम दिन की कथा बेहद करुणामयी रही, जिसे सुनकर पांडल में मौजूद भक्त भाव-विभोर हो गए. व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए आचार्य श्रीकृष्णानंद जी पौराणिक ने कहा कि मनुष्य शरीर जीव को तब मिलता है, जब श्रीहरि बिना किसी स्वार्थ या कारण के अपनी असीम कृपा करते हैं. उन्होंने कहा कि जो इंसान इस मानव तन की कीमत को नहीं समझता, वह अभागा 84 लाख योनियों में भटककर बार-बार दुख भोगता रहता है. इसके विपरीत, जो इस रहस्य को समझकर संभल जाता है और श्रीहरि के चरणों का आश्रय ले लेता है, वह इस भवसागर के भय से हमेशा के लिए मुक्त हो जाता है.

राजा परीक्षित के मोक्ष का प्रसंग सुनाते हुए आचार्य श्री ने कहा कि सुखदेव जी ने परीक्षित से कहा था कि ब्राह्मण की वाणी कभी व्यर्थ नहीं जाती. शाप के कारण तक्षक सर्प यानी मृत्यु जरूर आएगी, परंतु आत्मा अजर-अमर है. केवल शरीर ही नश्वर है. भागवत कथा आत्मा को परमात्मा तक पहुंचा देगी और ब्राह्मण के अभिशाप से केवल शरीर ही तक्षक के डसने से भस्म होगा, आत्मा को कुछ नहीं होगा.

काल ही तक्षक और हर मानव है परीक्षित

कथा को आगे बढ़ाते हुए श्री पौराणिक जी ने एक गहरा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि वास्तव में काल ही तक्षक है और इस धरती पर रहने वाला हर मनुष्य परीक्षित है. मनुष्य का कर्म ही ब्राह्मण का अभिशाप है. अपने कर्म से प्रेरित होकर यह कालरूपी तक्षक सात दिनों (सोमवार से रविवार) के भीतर किसी न किसी रूप में सभी को डंसता है.

उन्होंने अपने अंतिम उपदेश में भक्तों से कहा कि अपने मन और इंद्रियों को पूरी तरह से श्रीहरि के चरणों में लगा दो. ऐसा करने से आत्मा का परमात्मा से मिलन हो जाएगा, यह भौतिक शरीर पांच तत्वों में विलीन हो जाएगा और जीव को परम मोक्ष की प्राप्ति होगी. कथा में बताया गया कि ऐसा उपदेश देकर सुखदेव जी अपने आश्रम लौट गए और राजा परीक्षित गहरे ध्यान में श्रीहरि से मिल गए. इसके बाद तक्षक ने उनके शरीर को डसा और उनका पार्थिव शरीर भस्म हो गया.

डंके की चोट पर मुक्ति देता है भागवत ग्रंथ

महाराज श्री ने भागवत महापुराण की महिमा बताते हुए कहा कि इस पूरी सृष्टि में श्रीमद्भागवत जैसा प्रामाणिक ग्रंथ कोई दूसरा नहीं है. यह ग्रंथ डंके की चोट पर सातवें दिन ही जीव को मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है. जब तक यह सृष्टि रहेगी, भागवत मानव समाज को कल्याण और मोक्ष की राह दिखाता रहेगा.

धर्मायोजन के सफल समापन पर सर्वजन कल्याण सेवा समिति के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी भक्तों, यजमानों और ब्राह्मणों का सहृदय आभार व्यक्त किया. इसके बाद आयोजित विशाल भंडारे में हजारों भक्तों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और खुद को कृतार्थ बताया.

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Suryakant Kumar

लेखक के बारे में

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सूर्यकांत कुमार प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं. डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल चैनल न्यूज रील्स से की. इसके बाद नेशन दर्पण और खबरिया जंक्शन में कार्य किया, जहां कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर से जुड़े विभिन्न कार्यों का अनुभव हासिल किया. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. वर्तमान में वे स्थानीय (हाइपरलोकल) खबरों पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

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