शहीद के परिवार तक नहीं पहुंची सड़क, दो साल से जलजमाव में घिरे 20 घर
Published by : Vikas Jha Updated At : 28 May 2026 4:56 PM
पूर्व सैनिक का परिवार।
Buxar News: बक्सर के खैराटी गांव में पिछले दो वर्षों से जलजमाव के कारण करीब 20 घरों का रास्ता बंद है. सबसे अधिक परेशानी शहीद और पूर्व सैनिक परिवार को झेलनी पड़ रही है.
Buxar News (मृत्युंजय सिंह): बक्सर के सदर विधानसभा क्षेत्र के खुटाहां पंचायत अंतर्गत खैराटी गांव के वार्ड संख्या 13 में पिछले दो वर्षों से जलजमाव की समस्या के कारण करीब 20 घरों का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है. इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित पूर्व सैनिक एवं शहीद परिवार हैं, जिन्हें आज भी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.
पड़ोसियों के घर होकर आने-जाने को मजबूर लोग
खैराटी गांव निवासी रिटायर्ड सूबेदार ललन तिवारी ने बताया कि लगातार जलजमाव के कारण उनके घर तक आने-जाने का रास्ता बंद हो चुका है. स्थिति ऐसी हो गई है कि परिवार के लोगों को पड़ोसियों के घरों से होकर बाहर निकलना पड़ता है. उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और जलनिकासी की समस्या को लेकर कई बार पंचायत के मुखिया, स्थानीय विधायक तथा अन्य जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.
शहीद और सैनिक परिवार झेल रहा परेशानी
पूर्व सैनिक ललन तिवारी ने भारतीय सेना में लगभग 30 वर्षों तक सेवा देकर देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उनके परिवार की देशसेवा की परंपरा भी उल्लेखनीय रही है. उनके बड़े पुत्र स्वर्गीय हवलदार अखिलेश तिवारी देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए थे. वहीं दूसरे पुत्र नायक अरविंद तिवारी और छोटे पुत्र हवलदार अरुण तिवारी वर्तमान में भी भारतीय सेना में कार्यरत हैं और देश की सुरक्षा में योगदान दे रहे हैं.
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
ग्रामीणों का कहना है कि जिस परिवार ने पीढ़ियों तक देशसेवा और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा, उसी परिवार को आज बुनियादी सड़क सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. यह न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है, बल्कि समाज और व्यवस्था के लिए भी गंभीर सवाल खड़ा करता है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि शहीद और सैनिक परिवार के सम्मान को देखते हुए अविलंब सड़क निर्माण एवं जलनिकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों को राहत मिल सके.
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