डुमरांव कृषि महाविद्यालय को बड़ी उपलब्धि, बिहार का पहला कशेरुकी नाशीजीव प्रबंधन केंद्र स्वीकृत

Published by : Vivek Pandey Updated At : 28 May 2026 12:38 PM

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Buxar News: नीलगाय समेत फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जीवों पर होगा अनुसंधान, किसानों को मिलेगा लाभ

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Buxar News:(विनीत कुमार मिश्र) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के उप महानिदेशक, फसल विज्ञान द्वारा वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरांव में “कशेरुकी नाशीजीव प्रबंधन पर अखिल भारतीय तंत्र परियोजना स्वैच्छिक केंद्र” की स्वीकृति प्रदान की गई है. यह बिहार राज्य का पहला कशेरुकी नाशीजीव प्रबंधन स्वैच्छिक केंद्र होगा.

यह पहल बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह के निर्देशन एवं अनुसंधान निदेशक डॉ. ए.के. सिंह के मार्गदर्शन में प्रस्तावित की गई थी. वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरांव के प्राचार्य डॉ. पारस नाथ के संरक्षण में महाविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक-सह-कनीय वैज्ञानिक डॉ. सुदय प्रसाद एवं उनकी टीम द्वारा यह प्रस्ताव तैयार कर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को भेजा गया था.

नीलगाय और अन्य जीवों से फसल बचाव पर होगा विशेष शोध

इस परियोजना की स्वीकृति मिलने से बिहार में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कृतंक यानी चूहा एवं अन्य कशेरुकी जीवों के प्रभावी प्रबंधन पर अनुसंधान, प्रशिक्षण और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी. विशेष रूप से नीलगाय से होने वाले फसल नुकसान को लेकर वैज्ञानिक अध्ययन और समाधान विकसित किए जाएंगे.

किसानों को मिलेगा वैज्ञानिक तकनीक का लाभ

महाविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. अभिनव कुमार सिंह ने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कृतंक एवं अन्य जीवों के नियंत्रण पर प्रभावी कार्य किया जाएगा. इससे किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों के जरिए फसल सुरक्षा, भंडारित अनाज संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी.

कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि

विश्वविद्यालय प्रशासन एवं महाविद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे बिहार के कृषि अनुसंधान, कृषि शिक्षा और किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया है.

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विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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