बक्सर: सरपंच सुभाष यादव हत्याकांड की जांच में पहुंची भाकपा माले टीम, जमीन विवाद और प्रशासनिक लापरवाही पर उठाए सवाल

Author Manish mishra|Edited by Vivek Singh
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कुकुढ़ा पंचायत के सरपंच सुभाष यादव हत्याकांड की जांच को चिलबिला पहुंचा भाकपा माले का दल, प्रशासनिक लापरवाही को बताया जिम्मेदार

भाकपा माले का प्रतिनिधिमंडल बक्सर के चिलबिला गांव पहुंचा, जहां सरपंच सुभाष यादव की हत्या हुई थी. जांच दल ने ग्रामीणों से बात कर जमीन विवाद और प्रशासनिक भूमिका पर सवाल उठाए. हत्या के पीछे एक एकड़ जमीन का विवाद बताया जा रहा है.

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Buxar Sarpanch Murder Case : बक्सर जिला के इटाढ़ी प्रखंड की कुकुढ़ा पंचायत के चिलबिला गांव में सरपंच सुभाष यादव हत्याकांड की जांच के लिए शनिवार को भाकपा माले का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा. जांच दल ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और पूरे मामले में प्रशासनिक भूमिका पर सवाल उठाए.

Buxar News : जांच दल ने ग्रामीणों से जुटाई घटना की जानकारी

भाकपा माले के जांच दल में इटाढ़ी प्रखंड सचिव जगनारायण शर्मा, प्रखंड कमेटी सदस्य जितेंद्र राम, गणेश राय, जगनारायण साह और चितरंजन कुमार शामिल थे. टीम जब मृतक सरपंच सुभाष यादव के घर पहुंची तो परिजन अंतिम संस्कार के लिए बक्सर गए हुए थे. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों से बातचीत कर घटना और विवाद की पूरी जानकारी ली.

एक एकड़ जमीन विवाद बना हत्या की वजह

ग्रामीणों ने जांच दल को बताया कि करीब एक एकड़ विवादित जमीन पहले बिहार सरकार की थी, जो सड़क किनारे स्थित है. ग्रामीणों के अनुसार इस जमीन के कागजात सुभाष यादव के परिवार के नाम हो चुके थे, लेकिन दूसरे पक्ष की ओर से भी जमीन पर दावा किया जा रहा था. इसके अलावा खतियानी जमीन को लेकर भी विवाद चल रहा था, जिसका मामला न्यायालय में लंबित बताया जा रहा है.

पंचायत के बाद भी नहीं सुलझा था विवाद

ग्रामीणों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद को खत्म करने के लिए पंचायत भी हुई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. भाकपा माले जांच दल ने आरोप लगाया कि यदि प्रशासन समय रहते विवाद का समाधान करा देता तो इतनी बड़ी घटना को रोका जा सकता था.

भाकपा माले ने प्रशासन पर लगाए आरोप

जांच दल ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी योजनाओं के सही तरीके से लागू नहीं होने का परिणाम है. दल के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सहयोग शिविर, जनता दरबार, जमीन सर्वेक्षण और "सरकार आपके द्वार" जैसी योजनाएं आम लोगों को न्याय दिलाने में प्रभावी साबित नहीं हो सकीं.

घात लगाकर हमला करने का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार घटना के दिन विवादित जमीन की जुताई दूसरे पक्ष द्वारा की जा रही थी. इसी दौरान सुभाष यादव अपने दो पुत्र अखिलेश यादव और बिंदेश यादव के साथ घर से डेयरी के पास स्थित दलान की ओर जा रहे थे. नोनी नदी पुल के समीप पहले से घात लगाए लोगों ने लाठी और लोहे की रॉड से हमला कर दिया.

इलाज के दौरान हुई थी सरपंच की मौत

हमले में गंभीर रूप से घायल सुभाष यादव को इलाज के लिए बक्सर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. वहीं उनके दोनों पुत्र अखिलेश यादव और बिंदेश यादव गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है.

चार आरोपियों की गिरफ्तारी, कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने बताया कि मामले में अब तक दो पुरुष और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है. पीड़ित परिवार के रिश्तेदारों ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और घटना में लापरवाही बरतने वाले प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. भाकपा माले प्रतिनिधिमंडल ने भी निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई है.


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