पराली न जलाने का जागरूकता अभियान फेल

प्रखंड क्षेत्र के खेतों से उठने वाली चिंगारी और आग के उठते लपटो को देखकर भी कृषि विभाग के कर्मी और अधिकारी कितने लापरवाह हैं
ब्रह्मपुर. प्रखंड क्षेत्र के खेतों से उठने वाली चिंगारी और आग के उठते लपटो को देखकर भी कृषि विभाग के कर्मी और अधिकारी कितने लापरवाह हैं. इसका जीवंत उदाहरण ब्रह्मपुर व बगेन जाने वाली सड़क के किनारे खेतों को देखने पर मिल जायेगा. प्रखंड क्षेत्र में गेहूं के पराली को किसानों द्वारा जलाकर खेतों की उर्वरा शक्ति को बर्बाद किया जा रहा है. प्रखंड क्षेत्र का ऐसा कोई गांव नहीं है जहां पर गेहूं की पराली न जलाई गई हो. मगर इसे कृषि विभाग के कर्मी व अधिकारी की लापरवाही कहे या किसानों में जागरूकता का अभाव. क्षेत्र में लगातार पराली को जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ ही खेतों की उर्वरा शक्ति को नष्ट किया जा रहा है.
प्रखंड कार्यालय के पास ही जले पराली पराली नहीं जलाने के आदेश के बाद भी पराली जलना नहीं रूक रहा. किसान खेतों में बड़े पैमाने पर पराली जला रहे हैं. प्रखंड कार्यालय के पास ही कई एकड़ों में गेहूं के पराली को किसानों द्वारा जलाया जा चुका है, लेकिन कृषि विभाग द्वारा कोई कार्रवाई न होने से किसानों द्वारा बेखौफ पराली को जला कर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं. कहते हैं प्रखंड कृषि पदाधिकारीकॉर्डिनेटर द्वारा पराली जलाने वाले किसानों के खेतों का जांचकर फोटो लिया जा रहा है. अगर किसान दोषी है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. देवानंद रजक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




