जिले के 332 गांव बिजली विहीन

Published at :19 Jan 2016 4:54 AM (IST)
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जिले के 332 गांव बिजली विहीन

राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना में राजीव गांधी योजना के बाद बचे गांव दीनदयाल योजना से होंगे रोशन बक्सर : बक्सर जिले में वर्ष 2011-12 में कराये गये बिना विद्युतीकरणवाले गांवों के सर्वे में 381 गांव चिह्नित किये गये थे. इन गांवों में कालांतर में कभी बिजली थी, मगर सर्वे के समय उन गांवों में न […]

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राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना में राजीव गांधी योजना के बाद बचे गांव दीनदयाल योजना से होंगे रोशन

बक्सर : बक्सर जिले में वर्ष 2011-12 में कराये गये बिना विद्युतीकरणवाले गांवों के सर्वे में 381 गांव चिह्नित किये गये थे. इन गांवों में कालांतर में कभी बिजली थी, मगर सर्वे के समय उन गांवों में न बिजली का तार पहुंचा था और न ही बत्ती जलती थी.उन गांवों में लोग आधुनिक युग में भी लालटेन युग में जीने को विवश हैं. बाद में गांवों का विद्युतीकरण हुआ, जिसमें 49 गांवों को बिजली पहुंचा दी गयी, मगर अब भी 332 ऐसे गांव हैं जहां बिजली नहीं पहुंची है.
इन गांवों में 184 गांव बक्सर अनुमंडल में और 148 गांव डुमरांव अनुमंडल में हैं. हालांकि केंद्र सरकार द्वारा जो राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना ली गयी है, उसमें बक्सर जिले के मात्र 84 गांव ही बिना विद्युतवाले चिह्नित हैं और इन्हीं गांवों को राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना से जोड़ने की कवायद शुरू की गयी थी.
एवरेस्ट कंपनी नहीं दिया सर्वे रिपोर्ट: विद्युतीकरण को लेकर एवरेस्ट कंपनी को 2014 के अंत में सर्वे का काम सौंपा गया था, जिसमें कंपनी को 2015 के अंत तक अपनी रिपोर्ट विभाग को देनी थी, मगर दुर्भाग्य से अभी तक एवरेस्ट कंपनी यह काम पूरा नहीं कर सकी है कि कितने गांवों में बिजली है और कितने गांवों में नहीं. हालांकि विभाग बक्सर जिले के 1134 गांवों को पूरी तरह ऊर्जाविंत करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है.
विद्युतीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये होंगे खर्च : जानकारी के अनुसार जिले में विद्युतीकरण के लिए करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किये जाने हैं, जो पैसे किस्तों में केंद्र सरकार से मिल रहे हैं. मिली राशि में 50 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार का खर्च होता है और 50 फीसदी कंपनी लगाती है, जिससे काम पूरा होने के बाद राशि दे दी जाती है.
जिले में गरीबी रेखा से नीचे रहनेवाले एक लाख 40 हजार उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिये जा चुके हैं. उन उपभोक्ताओं को बिजली दिये जाने के बाद उनके गांव पूरी तरह ऊर्जान्वित हो जायेंगे. जिन गांवों में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना की राशि से बिजली नहीं पहुंचेगी,उन्हें केंद्रीय दीनदयाल ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से जोड़ कर ऊर्जान्वित करने का अभियान चलाया जायेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता, परियोजना सुरेंद्र कुमार और परियोजना के एसडीओ अंशुमन सिंह के मुताबिक 810 गांव ऐसे हैं, जहां बिजली का काम आंशिक रूप से है, जिसे पूरी तरह उर्जान्वित करने का काम चल रहा है.इन गांवों में से 243 गांवों में काम काफी प्रगति पर है. इसके अतिरिक्त राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना में जिन 84 गांवों में विद्युतीकरण होना है, उनमें से 74 गांवों में काम चल रहा है और शेष 10 गांवों में परियोजना का काम शुरू नहीं हो पाया है. उन्होंने बताया कि दो पावर सब स्टेशन निर्माणाधीन है, जिसमें एक में शीघ्र ही विद्युत आपूर्ति शुरू हो जायेगी. जबकि दूसरे में तीन माह बाद शुरू होने की संभावना है.
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