सरकारी लापरवाही का नमूना

Published at :21 Nov 2015 3:24 AM (IST)
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सरकारी लापरवाही का नमूना

डुमरांव : सन् 2009 में दिल्ली से पशुओं के लिए 10 लाख की राशि से पशुचारा ईंट मशीन हरियाणा फाॅर्म स्थित पशु प्रजनन प्रक्षेत्र में लगायी गयी थी. इस मशीन को राजस्व में वृद्धि करने को लेकर स्थापित किया गया था. लेकिन, उच्च अधिकारियों की उदासीनता के कारण पशु प्रजनन प्रक्षेत्र पहुंची मशीन बदहाल पड़ी […]

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डुमरांव : सन् 2009 में दिल्ली से पशुओं के लिए 10 लाख की राशि से पशुचारा ईंट मशीन हरियाणा फाॅर्म स्थित पशु प्रजनन प्रक्षेत्र में लगायी गयी थी. इस मशीन को राजस्व में वृद्धि करने को लेकर स्थापित किया गया था. लेकिन, उच्च अधिकारियों की उदासीनता के कारण पशु प्रजनन प्रक्षेत्र पहुंची मशीन बदहाल पड़ी है़

मशीन चलाने के लिए कर्मचारी को प्रशिक्षण देना था. मशीन चलाने को लेकर 25 हार्स का ट्रांसफाॅर्मर लगाना था़ इसके लिए मशीन आने के साथ विभाग ने बिजली विभाग को ट्रांसफाॅर्मर लगाने के लिए आवेदन भी दे दिया था, लेेकिन दिन गुजरते चले गये, पर बिजली की रोशनी नहीं पहुंची़ आज इसके चलते लाखों रुपये की मशीन शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है.

क्या है मशीन : मशीन से पशुओं के खाने के लिए पांच किलो वजन की ईंट तैयार की जाती है़ तैयार पशु ईंट पूर्ण पशु आहार है़ एक ईंट का वजन साढ़े तीन किलोग्राम होता है़ भूसा, खल्ली, चोकर, गुड़, नमक व लिक्विड यूरिया के मिश्रण से ईंट का निर्माण होता है़ बता दें कि इसे फीट करने के लिए तकनीशियन का दल भी आया था़
क्या कहते हैं विशेषज्ञ : विशेषज्ञों का कहना है कि एक ईंट एक व्यस्क पशु का पूर्ण आहार है़ इस ईंट में पशुओं के लिए विटामिन, प्रोटीन सहित जरूरी पोषक तत्व होते है़ं हरियाणा पशु प्रजनन केंद्र के प्रभारी प्रवीण कुमार पाठक कहते हैं बिजली कंपनी के पास ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए कई बार लिखा गया़ ट्रांसफॉर्मर लग गया रहता,
तो कर्मचारी प्रशिक्षित भी हो जाते और चारा निकालने का काम भी शुरू हो गया रहता, लेकिन आज हरियाणा फाॅर्म में मशीन शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है़ जिला व अनुमंडल प्रशासन समेत जनप्रतिनिधियों ने पहल करना मुनासिब नहीं समझा़
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