खुदरा के लिए पहुंचे बैंक

Published at :07 Oct 2013 9:35 PM (IST)
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खुदरा के लिए पहुंचे बैंक

संवाददाता, बक्सर अगर आप खुदरा के लिए बाजारों में दुकान-दुकान मारे फिरते हैं या अधिक पैसे देकर खुदरा लेते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है. खुदरे की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्थानीय मुनीम चौक पर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य शाखा ने क्वाइन वेंडिंग मशीन (सिक्का वितरण मशीन) की सुविधा मुहैया […]

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संवाददाता, बक्सर

अगर आप खुदरा के लिए बाजारों में दुकान-दुकान मारे फिरते हैं या अधिक पैसे देकर खुदरा लेते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है. खुदरे की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्थानीय मुनीम चौक पर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य शाखा ने क्वाइन वेंडिंग मशीन (सिक्का वितरण मशीन) की सुविधा मुहैया करायी है. हालांकि, मशीन बैंक में चार महीना पहले से मौजूद था, लेकिन आरबीआइ द्वारा सिक्का उपलब्ध नहीं होने के कारण मशीन बंद थी. शुक्रवार को बैंक ने मशीन की सेवा आरंभ कर दी है, जिससे रोजाना बैंक में आये सैकड़ों ग्राहकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. लोगों में सिक्का आसानी से उपलब्ध होने के कारण खुशी का माहौल है. जिले का यह पहला क्वाइन वेंडिंग मशीन है, जिससे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बैंकिंग क्षेत्र में एक अहम भूमिका निभा रहा है. क्वाइन वेंडिंग मशीन को ऑपरेट करना काफी सरल है. चूंकि सिक्के की आवश्यकता आम आदमी से जुड़ा है. मशीन से आसानी से सिक्का प्राप्त किया जा सकता है. मशीन के सामने 0 से 9 अंक अंकित है. नोट डालने के बाद इस अंक पट के माध्यम से आप अपना सिक्का प्राप्त कर सकेंगे.स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के फिल्ड ऑफिसर प्रितेश कुमार ने बताया कि मशीन से सिक्का प्राप्त करने के लिए मशीन में पांच रुपये, 10 रुपये, 20 रुपये और 50 रुपये के नोट को डाल कर सिक्का प्राप्त कर सकते हैं. 100 रुपये, 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट के बदले सिक्का लेने की सुविधा नहीं है. सिक्का का महत्व आज भी बाजार में अहम है. बक्सर बाजार खुदरा बाजार के रूप में माना जाता है. ऐसे में लगभग हर दुकानदार हर दिन सिक्कों के माध्यम से अपनी दुकानदारी करता है. दुकानदारों की मानें, तो लगन व त्योहार में सिक्कों की कमी हो जाती है, जिससे दुकानदारी करने में अनेक प्रकार की समस्या होती है. ग्राहक के पास खुदरा पैसा नहीं होने के कारण ग्राहक को मजबूरन लौटाना पड़ता है. साथ ही सिक्के के अभाव में बिक्री में होने वाले फायदे में कमी आती है. मशीन के आने से दुकानदार समेत ग्राहक आसानी से सिक्का प्राप्त कर सकेंगे. क्वाइन वेडिंग मशीन के आ जाने से बाजार के पुराने नोट के बदले सिक्का प्राप्त किया जा सकता है. दुकानदार मो. नसीम एक छोटी सी धागा-बटन की दुकान के मालिक हैं. वह बताते हैं कि उन्हें दुकानदारी करने में रोजाना 200 से 300 रुपये के सिक्के की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन बाजार में सिक्का उपलब्ध नहीं होने के कारण सिक्के के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. खुदरा पैसा नहीं रहने से दुकानदारी के दौरान परेशानी होती है. खुदरा नहीं रहने के कारण ग्राहकों को लौटाना पड़ता है. पान दुकानदार सोनू कुमार ने बताया कि सिक्के की आवश्यकता रोजाना पड़ती है, लेकिन बाजार से सिक्का लेने पर अतिरिक्त पैसा देना पड़ता है. 100 रुपये का सिक्का लेने के लिए 110 रुपये तक देने पड़ते हैं. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य शाखा प्रबंधक ध्रुव कुमार ने बताया कि क्वाइन वेडिंग मशीन की सुविधा बैंक के ग्राहक समेत अन्य लोग भी उठा सकते हैं. इसके लिए उन्हें कोई सुविधा शुल्क नहीं देना होगा.

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