टीबीमुक्त बनाने के लिए 51 पंचायतों का किया गया चयन

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प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत कार्यक्रम को लेकर जिले को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने की कवायद तेज कर दी गयी है

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बक्सर. प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत कार्यक्रम को लेकर जिले को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने की कवायद तेज कर दी गई है. इस क्रम में जिला प्रशासन और जिला यक्ष्मा केंद्र के ���ंयुक्त तत्वावधान में टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम को बल दिया जा रहा है. जिसके तहत टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम के लिए जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर जिले के प्रखंडों में 51 पंचायतों का चयन किया गया है. जिसको टीबी मुक्त बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी गई है. साथ ही, इन चयनित पंचायतों के टीबी मुक्त होने के बाद जिले के सभी पंचायतों में विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस संदर्भ में सिविल सर्जन डॉ. सुरेश चंद्र सिन्हा ने बताया कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार जिले को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने में कोई भी कसर नहीं छोड़ी जाएगी. तय मियाद में जिले को हर हाल में टीबी मुक्त बनाया जायेगा. फिलवक्त जिले के तीन पंचायतों जासो, कमरपुर एवं सरेंजा पंचायत को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है. जिसके लिए उक्त पंचायतों को सम्मानित भी किया जा चुका है. अब आगामी दो सालों तक तीनों पंचायतों की मॉनिटरिंग की जाएगी. जिसके बाद 2024-25 व 2025-26 उक्त तीनों पंचायतों में टीबी मुक्त पंचायत के कार्यों की समीक्षा की जाएगी. 11 प्रखंडों के 51 गांव का किया गया है चयन: जिले के 11 प्रखंडों में 51 गांवों का चयन टीबी मुक्त बनाने के लिए किया गया है. जिनमें सदर प्रखंड के उमरपुर, जगदीशपुर, नदांव, करहंसी व बरूना पंचायत शामिल हैं. चौसा प्रखंड का चुन्नी, पवनी व डिहरी पंचायत के अलावा राजपुर प्रखंड का हरपुर, मंगरांव, डल्फा, खिरी, रसेन व मटकीपुर पंचायत शामिल हैं. इटाढ़ी प्रखंड का हिकमपुर, हरपुर-जयपुर, बिक्रम इंग्लिश, लाखनडिहरा एवं धरहरा पंचायत का चयन किया गया है. वहीं, केसठ प्रखंड के केसठ, कतिकनार व रामपुर के साथ चौगाईं प्रखंड के खेवली, मसढीया एवं चौगाईं के अलावा नावानगर प्रखंड के भटौली, परमानपुर, वैना, कड़सर, भदार व बेलहरी पंचायत का चयन किया गया है. डुमरांव प्रखंड का सोंवा, नंदन, कुशलपुर, लाखनडिहरा एवं धरहरा पंचायत के साथ साथ सिमरी प्रखंड के आशा पड़री, गंगौली, बड़का सिंहनपुरा, परसनपाह एवं सहियार पंचायत चयनित है. साथ ही, ब्रह्मपुर प्रखंड के भदवर, बराढ़ी, एकरासी, कैथी, गायघाट, योगिया, दक्षिणी व उत्तरी नैनीजोर के साथ चक्की प्रखंड के अरक, चंदा एवं जवही दीयर पंचायत का चयन किया गया है. सभी प्रखंडों में लगाया जाएगा ट्रू-नॉट मशीन : जिला यक्ष्मा कार्यालय के डीपीसी कुमार गौरव ने बताया कि जिले में चयनित प्रखंडों के पंचायतों में टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन के लिए सारी तैयारी पूरी कर ली गई है. इस क्रम में जिले के सभी प्रखंडों के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को ट्रू-नॉट मशीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए आठ प्रखंडों के 10 अस्पतालों का चयन किया गया है. जिसमें इटाढ़ी पीएचसी, चौसा पीएचसी, चौसा एपीएचसी (सरेंजा), राजपुर सीएचसी, नावानगर सीएचसी, केसठ पीएचसी, चक्की पीएचसी, डुमरांव पीएचसी, चौगाईं पीएचसी के अलावा प्रतापसागर स्थित मेथोडिस्ट अस्पताल को मशीन उपलब्ध कराया जाएगा. इसके साथ संबंधित अस्पतालों को ट्रू-नॉट मशीन की आपूर्ति के लिए आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके अलावा जिला मुख्यालय में सीबी-नॉट के अलावा शेष प्रखंडों में ट्रू-नॉट मशीन उपलब्ध करायी जा चुकी है. उन्होंने बताया कि फिलवक्त जिले की सभी आशा को अपने पोषक क्षेत्र से टीबी के संदिग्ध मरीज को जांच के लिए अस्पताल भेजने के लिए निर्देशित किया गया. इस क्रम में मरीज में टीबी की पुष्टि होने पर प्रति मरीज 500 रुपए की दर से भुगतान किया जायेगा.

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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