अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण में बिहार मॉडल

Published at :27 May 2015 7:15 AM (IST)
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अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण में बिहार मॉडल

डुमरांव : मंगलवार को प्रखंड के सुरौधा, मिश्रवलीया गांवों में बसे दलितों व पिछड़ी जातियों के बीच सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के निरीक्षण करने पहुंचे राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विद्यानंद विकल ने निरीक्षण के बाद पत्रकारों से वार्ता की. उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं में शामिल वर्क शेड ट्रेडिंग स्कीम, छात्रवृत्ति योजना […]

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डुमरांव : मंगलवार को प्रखंड के सुरौधा, मिश्रवलीया गांवों में बसे दलितों व पिछड़ी जातियों के बीच सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के निरीक्षण करने पहुंचे राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विद्यानंद विकल ने निरीक्षण के बाद पत्रकारों से वार्ता की.
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं में शामिल वर्क शेड ट्रेडिंग स्कीम, छात्रवृत्ति योजना के अलावे दलितों के बीच इंदिरा आवास व तीन डिसमिल जमीन आदि योजनाएं गरीबों के बीच किस स्थिति में हैं, इसका आयोग ने निरीक्षण किया. अध्यक्ष ने कहा कि बक्सर जिले में 50 लाख की राशि आवंटित है, जिसमें पेंशन के रूप में चार हजार पांच सौ रुपये प्रतिमाह मृतक के 55 परिजनों के बीच मुहैया करायी जाती है. राज्य सरकार ने सूबे में यह राशि बढ़ा कर करीब 18 करोड़ रुपये कर दी है.
आयोग के अध्यक्ष ने अनुमंडल मुख्यालय स्थित एसडीओ कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों के बीच अनुसूचित जन जाति योजनाओं व पुलिस के कामकाज को लेकर समीक्षा की. मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी राकेश कुमार त्रिपाठी, सीओ अमरेंद्र कुमार, बीडीओ जर्नादन तिवारी, आपूर्ति पदाधिकारी शंभूनाथ प्रसाद,जदयू नेता श्रीकांत कुशवाहा आदि मौजूद थे.
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