पैसा आया, लेकिन नहीं मिला किराया

Published at :12 Apr 2015 8:15 AM (IST)
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पैसा आया, लेकिन नहीं मिला किराया

डुमरांव में 22 महीनों से तो बक्सर में 12 माह से नहीं मिल रहा किराया बक्सर : जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया लंबे समय से बकाया है. डुमरांव में करीब 22 माह से, तो बक्सर में 12 महीनों से किराया मकान मालिकों को नहीं मिल रहा है. होली पर्व के ठीक पहले विभाग में […]

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डुमरांव में 22 महीनों से तो बक्सर में 12 माह से नहीं मिल रहा किराया
बक्सर : जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया लंबे समय से बकाया है. डुमरांव में करीब 22 माह से, तो बक्सर में 12 महीनों से किराया मकान मालिकों को नहीं मिल रहा है. होली पर्व के ठीक पहले विभाग में किराये के मद में पैसा भी आ गया, लेकिन होली बीत जाने के एक माह बाद भी यह पैसा आंगनबाड़ी केंद्रों को नहीं मिल पाया, जिसके कारण अब भी सेविकाओं को किराये के पैसे लेने के लिए विभाग का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
इधर,भवन मालिक से हर दिन किराये के पैसे के लिए आंगनबाड़ी सेविकाओं से तू-तू, मैं-मैं हो रही है. बावजूद इसके विभाग किराया भुगतान को लेकर लापरवाह बना हुआ है.
कहां है पेच : जिले में करीब 1427 आंगनबाड़ी हैं. इन आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं की माने, तो किराया भुगतान के लिए ये सभी प्रक्रिया पूरी कर ली हैं. फिर भी विभाग से इन्हें किराये मद की राशि नहीं मिल पायी है, जिसके कारण केंद्रों के संचालन को लेकर परेशानी हो रही है. वहीं, विभाग का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाओं ने अब तक मकान मालिकों का एकाउंट नंबर विभाग में नहीं जमा किया है, जिसके कारण पैसे की निकासी नहीं हो पायी है. मालूम हो कि आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया भुगतान सीडीपीओ के माध्यम से होता है. इस संबंध में सीडीपीओ से संपर्क नहीं हो सका.
मिलता है किराया : आंगनबाड़ी केंद्रों को 750 रुपये की दर से किराया भुगतान किया जाता है. आंगनबाड़ी केंद्र के लिए किराया पर जगह देनेवाले लोगों का कहना है कि उनके जगह में और किसी को दूसरे काम से दिया गया, होता तो इससे अधिक पैसे मिल सकते थे, लेकिन समाज का शैक्षणिक विकास हो इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए विभाग को दिया गया है, लेकिन विभाग किराया भुगतान में महीनों लगा देता है. वहीं, पैसा आने के बाद भी भुगतान में विलंब होने से विभागीय लापरवाही सामने आती है.
सोमवार को होगी बैठक : डीपीओ
बाल विकास परियोजना के प्रभारी डीपीओ अनिल कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं ने अब तक मकान मालिकों का एकाउंट नंबर सीडीपीओ के पास नहीं जमा किया है, ऐसी बात सामने आयी है. इसके कारण किराये के मद की आयी राशि अब तक भुगतान नहीं हो पायी है. हालांकि इसे लेकर सोमवार को जिले के सभी सीडीपीओ की बैठक रखी गयी है, जिसमें इस विषय पर गंभीर रूप से बातचीत होगी.
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