यज्ञ मित्र भी है और सबसे बड़ा शत्रु भी : जीयर स्वामी

Published at :10 Apr 2015 8:25 AM (IST)
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यज्ञ मित्र भी है और सबसे बड़ा शत्रु भी : जीयर स्वामी

बक्सर : सदर प्रखंड के अहिरौली में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के 20 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दिन गुरुवार को जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि आज जगह-जगह मंदिर बन रहे हैं, ऐसे लोगों से सावधान रहें. उन्होंने कहा कि यज्ञ सही ढंग से हो जाय तो मित्र है तथा गलत ढंग से होने […]

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बक्सर : सदर प्रखंड के अहिरौली में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के 20 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दिन गुरुवार को जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि आज जगह-जगह मंदिर बन रहे हैं, ऐसे लोगों से सावधान रहें. उन्होंने कहा कि यज्ञ सही ढंग से हो जाय तो मित्र है तथा गलत ढंग से होने व त्रुटि पूर्ण होने पर सबसे बड़ा शत्रु भी है.
यज्ञ का प्रभाव तीन दिन, तीन महीना व तीन साल में दिखने लगता है. उन्होंने कहा कि भगवान हमेशा सदाचारी व्यक्ति का अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करते हैं. उन्होंने कहा कि भगवान की आराधना व पूजा-अर्चना श्रद्धा व भक्ति पूर्वक करने पर उसका फल अच्छा होता है. उन्होंने संतों व भक्तों का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान भक्त सांसारिक भौतिक सुविधाओं का त्याग कर ईश्वर के शरण में अपने को समर्पित कर देता है.
तब वह मोक्ष प्राप्त करता है. यज्ञ की जल यात्र 19 अप्रैल को होगी. वहीं वैष्णव सम्मेलन 27 अप्रैल को तथा यज्ञ की पूर्णाहुति 28 अप्रैल को होगी. यज्ञ में कथा सुनने आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग पहुंच रहे हैं. वहीं, नगर के सोहनीपट्टी स्थित गौरीशंकर मंदिर में श्रीराम चरित मानस समिति के तत्वावधान में राम कथा का आयोजन किया. कथा के दौरान पूरा स्थल खचाखच से भरा था.
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