गेहूं की फसल बरबाद होने की आशंका

Published at :07 Apr 2015 6:28 AM (IST)
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गेहूं की फसल बरबाद होने की आशंका

बेमौसम हुई बरसात व ओला वृष्टि ने किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है. एक सप्ताह के अंदर कई बार हो चुकी बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. दिघवारा, दरियापुर, गड़खा व सोनपुर आदि प्रखंडों में लगी गेहूं की फसल मौसम की मार से धराशायी होकर जमीन पर बिछ गयी है. इन […]

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बेमौसम हुई बरसात व ओला वृष्टि ने किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है. एक सप्ताह के अंदर कई बार हो चुकी बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. दिघवारा, दरियापुर, गड़खा व सोनपुर आदि प्रखंडों में लगी गेहूं की फसल मौसम की मार से धराशायी होकर जमीन पर बिछ गयी है. इन इलाकों में 50 प्रतिशत के लगभग फसल को नुकसान का अनुमान है. प्रस्तुत है यह रिपोर्ट :
दिघवारा : एक सप्ताह के अंदर पहली ओला वृष्टि के साथ हुई बारिश व फिर रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. कल तक जो किसान फसल काटने व दौनी करवाने की योजना बना रहे थे, बेमौसम बारिश ने किसानों का सारा प्लान फेल कर दिया है.
बारिश के कारण गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. जमीन पर धराशायी गेहूं के पौधे किसानों के नुकसान की बानगी पेश कर रहे हैं. मौसम की दोहरी मार ने किसानों को कही का नहीं छोड़ा है. किसान अपनी किस्मत को कोस रहे हैं. फसल के नुकसान के बीच महाजनों की कर्ज अदायगी के बारे में सोच कर ही किसानों की आंखों से रातों की नींद गायब है.
कई प्रखंडों में जमीन पर बिछी है फसल : चैत में लहलहाते गेहूं की फसल पर मौसम की नजर लग गयी है. दिघवारा, गड़खा, दरियापुर व सोनपुर आदि प्रखंडों में अधिकांश जगहों पर अभी गेहूं की फसल खेतों में लगी है एवं अधिकांश गेहूं के पौधे बरबाद हो चुके हैं. किसानों की मानें, तो दौनी से पूर्व बारिश हो जाने से गेहूं की 50 प्रतिशत फसल के नुकसान का अनुमान है. दिघवारा प्रखंड अधीन क्षेत्रों में गेहूं की फसल के नुकसान हो जाने से किसान मायूस हैं.
दोहरी मार से चिंतित हैं किसान : पहले किसानों को आलू की फसल के अच्छे दाम नहीं मिले थे, जिस कारण किसान गेहूं के बेहतर उत्पादन के साथ अच्छी आमदनी की आस लगाये बैठे थे. मगर मौसम की बार से किसानों की उम्मीदों को झटका लगा है.
नहीं शुरू हो सका है दौनी का कार्य : अधिकांश जगहों पर गेहूं खेतों में लगी है, बहुत कम जगहों पर दौनी शुरू हो पायी है. दौनी शुरू होने के लिए किसानों को मौसम के खुलने का इंतजार करना होगा.
मजदूरों की आमदनी पर भी पड़ा प्रतिकूल असर : गेहूं की फसल तैयार हो जाने के बाद से मजदूर कटाई में जुट जाते थे. मगर मौसम की मार से मजदूरों की आमदनी पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है. कटाई कार्य से जुड़े हजारों मजदूर मौसम की ओर निहार रहे हैं. दूसरे प्रदेशों में काम करनेवाले मजदूर कटाई को लेकर गांवों तक पहुंच चुके हैं. मगर काम नहीं है.
30 मार्च को हुई थी ओला वृद्धि : बीते 30 मार्च को मूसल धार बारिश के साथ हुई ओला वृद्धि व फिर रुक -रुक कर हो रही बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचाया है.
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