मौत के साये में पढ़ते हैं बच्चे

Published at :20 Jul 2013 12:24 AM (IST)
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मौत के साये में पढ़ते हैं बच्चे

बक्सर : नगर के बंगाली टोला स्थित धरीक्षणा कुंवरी धर्मशाला के बरामदे में संचालित हो रहे नवीन मध्य विद्यालय एवं कन्या प्राथमिक विद्यालय के बच्चे और शिक्षक जान जोखिम में डाल कर पठन पाठन करने को विवश हैं. धर्मशाला का भवन काफी जर्जर स्थिति में है. जर्जर भवन हर वक्त किसी बड़े हादसे को आगाह […]

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बक्सर : नगर के बंगाली टोला स्थित धरीक्षणा कुंवरी धर्मशाला के बरामदे में संचालित हो रहे नवीन मध्य विद्यालय एवं कन्या प्राथमिक विद्यालय के बच्चे और शिक्षक जान जोखिम में डाल कर पठन पाठन करने को विवश हैं. धर्मशाला का भवन काफी जर्जर स्थिति में है. जर्जर भवन हर वक्त किसी बड़े हादसे को आगाह करता है

इसकी दीवारें हर जगह से दरकीं हुई है और धर्मशाला की छतों से पटिया(पत्थर) टूट कर लटका हुआ है. इन टूटी और लटकी पटियों के नीचे ही बच्चे अपनी पढ़ाई भाग्य भरोसे करते हैं. मौत का साया इन पर हर रोज मंडराता है. विद्यालय की ऑफिस की छतें तो टूट कर ध्वस्त हो चुकी है. इसके बावजूद शिक्षकों ने ऑफिस की फाइलों को ध्वस्त रूम में ही प्लास्टिक से ढक कर रखा है.

प्रधानाध्यापिका ने जर्जर भवन की स्थित से शिक्षा विभाग को कई बार अवगत कराया. लेकिन, 18 वर्षो से संचालित हो रहे इस विद्यालय में किसी पदाधिकारी ने अब तक अपनी नजरें इनायत नहीं की. शिक्षक कहते हैं कि शायद किसी बड़े हादसे के बाद विभाग को कुछ सूझे.

विद्यालय नगर के बीचोंबीच होने के कारण नवीन मध्य विद्यालय में गोला बाजार, गोला घाट, अमला टोली एवं बंगाली टोला से 363 बच्चों का नामांकन है, जिनमें 175 बच्चियां एवं 188 बच्चे है. वहीं, कन्या प्राथमिक विद्यालय में 105 बच्चियां है. प्रतिदिन विद्यालय में करीब 70 प्रतिशत तक उपस्थित होती है.

इन बच्चों को बरामदे में अपनी पढ़ाई करने में काफी परेशानी होती है. एक तरफ जहां बरसात में बरामदे की छत से पानी टपकता है. वहीं, छत के कभी भी गिरने का भय इनके चेहरे पर साफ नजर आता है.

* पिछले वर्ष बाल-बाल बचे थे बच्चे

वर्ष 2012 की अगस्त में विद्यालय के मुख्य द्वार की छत अचानक टूट कर गिर गयी थी. हालांकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं घटी थी. सभी बच्चे अपने वर्ग में पढ़ाई कर रहे थे. यदि बच्चों के लंच का समय होता, तो निश्चित तौर पर एक बड़ा हादसा हुआ रहता. ऐसी दयनीय स्थिति होने के बावजूद शिक्षा विभाग ने अब तक विद्यालय की सुध नहीं ली है.

* यहां हो सकता है स्थानांतरण

नगर के पुराना अनुमंडलीय अस्पताल और पुरान नगर पालिका का भवन खाली पड़ा है. जहां विद्यालय को स्थानांतरण कर बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है. विभाग पहल कर इन भवनों में विद्यालय को आसानी से संचालित कर सकता है. पूर्व में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने भी विद्यालय संचालन के लिए इन जगहों को वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में विभाग को बताया था, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हो पायी

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