छात्रों ने कल्याण पदाधिकारी को बनाया बंधक

Updated at : 07 May 2019 7:26 AM (IST)
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छात्रों ने कल्याण पदाधिकारी को बनाया बंधक

बक्सर : नगर के पांडेयपट्टी स्थित राजकीय आंबेडकर आवासीय उच्च विद्यालय के बच्चों ने सोमवार को विद्यालय परिसर में जिला कल्याण पदाधिकारी को बंधक बना लिया. बच्चों ने अपनी समस्याओं की निदान कराने की मांग को लेकर सोमवार को अचानक भूख हड़ताल शुरू कर दी. इसकी सूचना मिलते ही जिला कल्याण पदाधिकारी राम इकबाल राम […]

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बक्सर : नगर के पांडेयपट्टी स्थित राजकीय आंबेडकर आवासीय उच्च विद्यालय के बच्चों ने सोमवार को विद्यालय परिसर में जिला कल्याण पदाधिकारी को बंधक बना लिया. बच्चों ने अपनी समस्याओं की निदान कराने की मांग को लेकर सोमवार को अचानक भूख हड़ताल शुरू कर दी.

इसकी सूचना मिलते ही जिला कल्याण पदाधिकारी राम इकबाल राम विद्यालय परिसर पहुंचे, जहां अधिकारी के पहुंचने के बाद छात्रों ने आवासीय सह विद्यालय परिसर में ताला जड़कर उन्हें बंधक बना लिया. इस कारण अफरातफरी मच गयी.
गुस्साये छात्रों ने जमकर नारेबाजी एवं प्रदर्शन किया. बार-बार समझाने के बाद भी छात्र अपनी मांग पूरी नहीं होने तक भूख हड़ताल समाप्त करने को तैयार नहीं थे. कल्याण पदाधिकारी ने केवल पुस्तक को लेकर समस्या उत्पन्न होने की बात कहीं. जबकि बच्चों ने एक दर्जन से भी ज्यादा समस्या गिना दी.
आक्रोशित छात्रों ने समस्याओं की निदान के बाद ही उन्हें छोड़ने की बात कहीं, जिसके कारण कल्याण पदाधिकारी विद्यालय प्रभारी के साथ विभिन्न मांगों को हल करने की प्रक्रिया विद्यालय के कार्यालय में ही शुरू कर दी गयी. आनन-फानन में नौवीं एवं दसवीं की पुस्तकें सोमवार को ही मंगाने की बात कही गयी.
बच्चों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर कई बार कल्याण पदाधिकारी से लिखित में शिकायत करने की बात कहीं. इसके बावजूद इस पर अब तक कल्याण पदाधिकारी ने ध्यान नहीं दिया. छात्रों का आरोप था कि सत्र शुरू हो चुका है लेकिन अब तक किताब भी हम लोगों को विभाग से प्राप्त नहीं हो सका है. जिसके कारण पढ़ाई बाधित है़
पहले भी छात्र हो चुके हैं उग्र : यह पहला मामला नहीं है जब अपने हक के लिए छात्रों को न केवल आंदोलन का रूख अख्तियार करना पड़ा या अपने अधिकारी को बंधक बनाना पड़ा. इसके पूर्व भी कई बार छात्रों ने अपनी समस्याओं के लिए विभागीय अधिकारी को बंधक बनाया था.
एक बार गंभीर स्थिति को देखते हुये तत्कालीन जिलाधिकारी को भी विद्यालय में छात्रों से मिलने के लिए जाना पड़ा था. सोमवार को विभागीय अधिकारी विद्यालय कार्यालय में ही विभिन्न प्रकार की मिलने वाली राशि देने की कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी.
छात्रों का विभाग पर है आरोप: इतिहास एवं नागरिक शास्त्र की शिक्षक की कमी, पठन-पाठन के लिए क्लासरूम की कमी, वर्ग 1 से 10 तक के बच्चों को अब तक एक भी पुस्तक का नहीं मिलना, कंप्यूटर शिक्षक की कमी, पूरे साल में पाठ्यक्रम का पूरा शिक्षकों द्वारा नहीं कराया जाना, विद्यालय में जेनरेटर कई महीनों से खराब है़ बिजली कटने के बाद अंधेरे में रहने को मजबूर होना, खेल का मैदान है और न ही कभी खेल सामग्री ही हमें उपलब्ध करायी जाती है.
घटिया खाना दिया जाता है़ ये सभी आरोप छात्रों ने लगाया. छात्रों की शिकायत था कि मेनू के अनुसार खाना नहीं मिलता है, दवा, साबुन, तेल का पैसा पिछले तीन माह से नहीं मिला है, बरसात के दिनों में छत से पानी गिरता है.
स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है. छात्र रिशु रंजन पासवान, रौशन कुमार भारती, धनु कुमार, मिथुन कुमार, नीरज कुमार, मुस्कान कुमार,विशाल कुमार, विक्की कुमार, अविनाश कुमार, मिथलेश कुमार ने बताया कि हम लोगों को कोई सुविधा नहीं दी जाती है.
ऊपर से शिकायत किये जाने पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर नाम काट देने की धमकी प्रभारी द्वारा दी जाती है. 10 दिन पहले कल्याण पदाधिकारी को समस्याओं के निदान के लिए लिखित आवेदन भी दिया गया था. इसके बावजूद इस पर अमल नहीं हुआ.
बोले अधिकारी
बच्चे बेवजह भूख हड़ताल व हंगामा कर रहे है. केवल पुस्तकों की कमी थी उसे आज ही मंगायी गयी है़ बच्चों को पुस्तकें प्राप्त हो जायेगी़
राम इकबाल राम जिला कल्याण पदाधिकारी, बक्सर
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