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44 डिग्री पहुंचा पारा, बाहर निकलना दुश्वार

Updated at : 01 May 2019 5:51 AM (IST)
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44 डिग्री  पहुंचा पारा, बाहर निकलना दुश्वार

बक्सर : इन दिनों तेज धूप और गर्मी ने लोगों को जीना मुहाल कर दिया है. सुबह सात बजे से इतनी प्रचंड धूप खिल जा रही है कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो जाते हैं. तेज गर्मी के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है […]

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बक्सर : इन दिनों तेज धूप और गर्मी ने लोगों को जीना मुहाल कर दिया है. सुबह सात बजे से इतनी प्रचंड धूप खिल जा रही है कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो जाते हैं. तेज गर्मी के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

लोगों का कहना है कि अप्रैल माह के अंत तक इतनी भीषण गर्मी शुरू हो गयी तो मई और जून में स्थिति क्या होगी. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. तेज धूप एवं गर्मी के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गये हैं.
वहीं गर्मी के चलते बाजारों में रौनक भी गायब हो गयी है. शाम के बाद ही लोग बाजारों में निकल पा रहे हैं. चिलचिलाती धूप और गर्म हवा ने और लोगों को बेचैन कर दिया है. मंगलवार को अधिकतम पारा 44 डिग्री सेल्सियस रहा. सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवा गर्म हवाओं से लोग परेशान होते रहे. सुनसान सड़कों पर सन्नाटा फैल गया, जिनके घरों में वैवाहिक कार्यक्रम है वे लोग भी कड़ी धूप को देखते हुए बाजार करना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं.
वैवाहिक कार्यक्रम का सामान शाम ढलने के बाद ही खरीदने को विवश है, वहीं तेज धूप को लेकर गॉगल्स चश्मा की भी डिमांड बढ़ गयी है. आंखों की सुरक्षा को लेकर लोक बाजारों से चश्मे की खरीदारी कर रहे हैं.तापमान में लगातार दिन प्रतिदिन प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है. स्कूल प्रातः कालीन होने के कारण दोपहर छुट्टी के बाद घर लौटने के क्रम में बच्चों के चेहरे लाल हो रहे हैं.
चिलचिलाती धूप और कंधे पर किताबों से भारी बैग ने बच्चों की स्थिति को दयनीय कर रखा है. घर लौटने के बाद उसके चेहरे पर खुशी की झलक नहीं दिखाई पड़ती है. बच्चों के होंठ पूरी तरह सूख रहे हैं. स्कूल में छुट्टी होने के बाद बच्चे इस भीषण गर्मी में अपनी प्यास बुझाने के लिए पेय पदार्थों की ओर रुझान प्रकट कर रहे हैं.
मांग से अधिक मिल रही बिजली, फिर भी हो रही कटौती
जिले में डिमांड से अधिक बिजली की आपूर्ति हो रही है. इसके बावजूद मौसम की मार से बिजली की डिमांड भी शहरवासियों की आपूर्ति को पूरा नहीं कर पा रहा है. पावर ट्रांसफॉर्मरों पर लोड बढ़ जाने के कारण बार-बार बिजली की कटौती जारी है. विद्युत अधीक्षण अभियंता संजय कुमार बेरियो का कहना है कि सामान्य दिनों में बक्सर जिले में 40 से 50 मेगावाट बिजली की डिमांड है.
मगर लोड बढ़ जाने के कारण इस समय डिमांड से दुगुना 90 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जा रही है. बिजली आपूर्ति की मांग बढ़ जाने के कारण शहर से लेकर देहात तक विद्युत आपूर्ति की मांग भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ गयी है. डिमांड के अनुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है. यह अलग बात है कि पावर ट्रांसफॉर्मरों के अर्थिंग सूख जाने के कारण भी बार-बार पावर ट्रांसफॉर्मर ट्रिप कर रहे हैं.
सचेत हो जाइए तेजी से खिसक रहा भू जल स्तर
पानी के दोहन के चलते शहर का जल स्तर लगातार गिर रहा है. स्थिति यह हो गयी है कि कई क्षेत्रों के हैंडपंप और नलकूप प्रचंड गर्मी में जवाब दे रहे हैं. शहर के कई इलाके की स्थिति भयावह हो गयी है.
जल स्तर नीचे खिसकने की समस्या को दूर करने के लिए लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है. पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने से लेकर लगाये जा रहे समरसेबल को आवश्यकता के अनुसार ही उपयोग करने की जरूरत है. यह कहना है पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता परमानंद प्रसाद.
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