बक्सर में बिजली विभाग के JE सस्पेंड, जानिए कौन सी लापरवाही पड़ गई भारी

प्रखण्ड कार्यालय राजपुर, बक्सर
Buxar News: बक्सर जिले के राजपुर विद्युत आपूर्ति प्रशाखा में तैनात जेई रौशन कुमार को साउथ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
Buxar News (राजपुर से पंकज कमल की रिपोर्ट ) :
साउथ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने राजपुर विद्युत आपूर्ति प्रशाखा में तैनात कनीय जेई रौशन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. विभाग द्वारा उनके खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई कार्य में लापरवाही और कर्तव्यहीनता के गंभीर आरोपों के चलते की गई है. कंपनी द्वारा जारी कार्यालय आदेश पत्र के अनुसार, मई महीने में फीडर मीटर से जो आंकड़े सामने आए, उसके मुताबिक राजपुर प्रशाखा के अंतर्गत आने वाले दो बड़े फीडरों ‘बन्नी’ और ‘बसही’ में बिजली आपूर्ति बहाल करने में अत्यधिक समय लगाया गया. इन फीडरों में समय पर बिजली बहाल न करने और घोर लापरवाही बरतने के आरोपों में उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है.
निलंबन अवधि में शेरघाटी रहेगा मुख्यालय, अवर सचिव ने जारी किया आदेश
निलंबन की इस अवधि के दौरान जेई रौशन कुमार का मुख्यालय विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, शेरघाटी निर्धारित किया गया है. इस दौरान उन्हें नियमानुसार केवल जीवन यापन भत्ता ही देय होगा. यह निलंबन उनके विरुद्ध आगे चलाई जाने वाली विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई पर बिना किसी प्रतिकूल प्रभाव डाले, तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. यह आदेश सक्षम प्राधिकार की सहमति से विभाग के अवर सचिव शत्रुघ्न कुमार सुमन द्वारा जारी किया गया है. बिजली विभाग की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है.
पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक की शिकायत पर ऊर्जा मंत्री ने कराई जांच
विदित हो कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली आपूर्ति बाधित रहने से परेशान ग्रामीणों ने इसकी शिकायत स्थानीय विधायक सह पूर्व मंत्री संतोष कुमार निराला से की थी. ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए विधायक ने कड़ा रुख अपनाया और ऊर्जा मंत्री को लिखित तौर पर क्षेत्र की विद्युत समस्याओं से अवगत कराया था. विधायक की इसी शिकायत पर मुख्यालय स्तर से हुई जांच के बाद यह आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की गई है.
पावर सबस्टेशन में संसाधनों और मानव बल की भारी कमी
इस कार्रवाई के बीच बिजली विभाग की एक बड़ी आंतरिक कमी भी खुलकर सामने आई है. चर्चा है कि विद्युत पावर सब स्टेशन पर फीडर के अनुसार काम करने के लिए तकनीकी मानव बल (कर्मचारियों) की संख्या काफी कम है. साथ ही समय-समय पर आने वाले प्राकृतिक आपदाओं के संकट से निपटने के लिए सबस्टेशन के पास आवश्यक सामग्रियां भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे फील्ड में काम करने में काफी कठिनाई होती है.
इसका खुलासा तब हुआ था जब बीते दिनों पावर सबस्टेशन में आग लगने के दौरान आग बुझाने के लिए चौसा थर्मल पावर प्लांट के सीआईएसएफ (CISF) के जवानों को बुलाना पड़ा था. इसके लिए स्थानीय स्तर से विभाग को संसाधनों की कमी से अवगत कराया गया था, लेकिन मांग पूरी होने से पहले ही यह निलंबन की कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है.
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लेखक के बारे में
By सूर्यकांत कुमार
सूर्यकांत कुमार तीन वर्षों से हिंदी डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. स्थानीय और हाइपरलोकल पत्रकारिता में विशेष अनुभव रखते हैं. कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर का भी व्यावहारिक अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत एक डिजिटल न्यूज चैनल से की और विभिन्न डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कार्य करते हुए समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया है. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.
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