खुले में शौच करने को बच्चे मजबूर

Updated at : 03 Sep 2017 6:13 AM (IST)
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खुले में शौच करने को बच्चे मजबूर

बक्सर : जिले के 70 फीसदी आंगनबाड़ी केंद्र शौचालय विहीन हैं. बक्सर जिले में 11 प्रखंड हैं, जिसमें 1521 आंगनबाड़ी केंद्र हैं. इनमें से महज 526 केंद्रों में ही शौचालय का निर्माण कराया गया है. 995 केंद्रों पर शौचालय नहीं है. इस कारण सेविकाओं एवं सहायिकाओं तथा बच्चों को काफी परेशानी होती है. आंगनबाड़ी केंद्रों […]

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बक्सर : जिले के 70 फीसदी आंगनबाड़ी केंद्र शौचालय विहीन हैं. बक्सर जिले में 11 प्रखंड हैं, जिसमें 1521 आंगनबाड़ी केंद्र हैं. इनमें से महज 526 केंद्रों में ही शौचालय का निर्माण कराया गया है. 995 केंद्रों पर शौचालय नहीं है. इस कारण सेविकाओं एवं सहायिकाओं तथा बच्चों को काफी परेशानी होती है. आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय नहीं होने के कारण नामांकित बच्चे खुले में शौच करने को मजबूर हैं. जिला प्रशासन भी उचित कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिससे स्वच्छता अभियान पर ग्रहण लगा हुआ है.

केंद्रों में शौचालय नहीं रहने से भारत स्वच्छता अभियान सफल नहीं हो पा रहा है. तत्कालीन जिलाधिकारी रमण कुमार द्वारा जिले को ओडीएफ घोषित करने के लिए हर संभव प्रयास किया गया. अब सवाल यह उठता है कि जब सरकारी महकमे में ही शौचालय नहीं है, तो ओडीएफ का सपना कैसे पूरा हो सकता है.
526 केंद्रों पर है शौचालय : जिले में 1521 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिसमें से 526 आंगनबाड़ी केंद्रों में ही शौचालयों का निर्माण हो पाया है. बाकी 995 केंद्र अभी भी शौचालय विहीन हैं. कई प्रखंडों में ऐसे भी आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जहां बैठने तक की बेहतर व्यवस्था नहीं है. सेविका एवं सहायिका किसी तरह बच्चों को केंद्र पर बैठा कर पढ़ाती हैं. जिले में 133 केंद्रों का भवन निर्माण कार्य चल रहा है.
खुले में शौच करने को मजबूर हैं बच्चे : आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय नहीं होने के कारण पढ़ने आनेवाले बच्चों को खुले में शौच करना करना पड़ता है. खुले में शौच जाने से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं.
आबादी के अनुसार किसी गांव में दो-दो केंद्र भी हैं, लेकिन 70 फीसदी केंद्र शौचालय विहीन हैं. स्थानीय प्रशासन को जिले को ओडीएफ घोषित करने से पहले इन केंद्रों पर शौचालय का निर्माण कराना होगा.
133 केंद्रों पर चल रहा भवन निर्माण का कार्य : जिले में 1521 आंगनबाड़ी केंद्रों का भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान है, जिसमें 526 केंद्रों का अपना भवन बनकर तैयार हो गया है. 133 केंद्रों का भवन निर्माण का कार्य चल रहा है. 529 केंद्रों के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गयी है. वहीं, 341 केंद्रों के लिए जमीन उपलब्ध करायी जानी है.
आंगनबाड़ी एक नजर में
जिले में कुल 1521 आंगनबाड़ी केंद्र
995 केंद्रों में शौचालय नहीं
526 केंद्रों में शौचालय
133 केंद्रों में भवन निर्माण का चल रहा कार्य
सेविकाओं से रिपोर्ट मांगी गयी है
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को शौचालय युक्त बनाने के लिए सेविकाओं से रिपोर्ट मांगी गयी है. कुछ जगहों से रिपोर्ट आ भी गयी है. सभी जगहों से रिपोर्ट आने के बाद शौचालय निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जायेगा. सभी केंद्रों पर शौचालय होंगे.
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