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Budget 2025: बिहार में मखाना बोर्ड का होगा गठन, जानिए किसानों को क्या होगा फायदा

Updated at : 01 Feb 2025 12:08 PM (IST)
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budget 2025 bihar| Budget 2025: Nirmala Sitharaman announces that Makhana Board will be formed in Bihar.

Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज आठवां बजट प्रस्तुत किया. इस आम बजट में बिहार के लिए वे बड़ी घोषणा की हैं. उन्होंने बिहार में मखाना बोर्ड गठन करने का ऐलान किया है.

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Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज आठवां बजट प्रस्तुत किया. इस आम बजट से बिहार के लोगों को बहुत उम्मीदें थी. इस बजट में बिहार को बड़ी सौगात मिली है. बिहार में मखाना बोर्ड का गठन किया जाएगा. मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बेहतर बनाने के लिए मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी. इस कार्य में लगे लोगों को FPO के रूप में संगठित किया जाएगा. वित्त मंत्री ने आगे कहा कि, हमारा फोकस ‘GYAN’ पर है. GYAN मतलब- गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति. 10 साल में हमने बहुमुखी विकास किया है.

बोर्ड के गठन से मखाना प्रोसेसिंग कंपनियों को होगा फायदा

मखाना बोर्ड के गठन से मखाना प्रोसेसिंग कंपनियों को फायदा होगा और मखाने की खेती और बाजार को अधिक लाभ मिलेगा. बिहार सरकार मखाना को हर थाली तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है. बोर्ड बनने के बाद आधुनिक मशीनों का प्रयोग कर मखाना के उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा.

मखाने की खेती पूरे बिहार में नहीं होती है, बल्कि उत्तरी और पूर्वी बिहार में मखाना की खेती की जाती है. इसमें मधुबनी, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, सीतामढ़ी और किशनगंज जिले में मखाना की खेती होती है. बजट 2025 में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं. जिनमें मखाना बोर्ड का गठन और नई पीएम धन धान्य कृषि योजना शामिल हैं.

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क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की गई

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं. बिहार के किसानों के लिए बिहार में खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा. इसके अलावा, किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की गई है. जिससे किसानों को अल्पावधि ऋण की सुविधा मिलेगी. धन धान्य योजना से 100 जिलों को जोड़ा जाएगा, जिससे फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाएं और लोन से 1.7 करोड़ किसानों को फायदा होगा.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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