बिहार में फर्जी मदरसों पर कार्रवाई की तैयारी, शिक्षा मंत्री ने दिया जांच का आदेश
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 02 Jun 2026 6:23 PM
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
Bihar Madrasa Inspection: बिहार सरकार ने राज्य के सभी अनुदानित मदरसों की जांच कराने का फैसला लिया है. शिक्षा विभाग ने डीएम को निर्देश जारी कर प्रखंड स्तर पर जांच समितियां बनाने को कहा है.
Bihar Madrasa Inspection: बिहार सरकार ने राज्यभर के अनुदानित मदरसों की जांच कराने का फैसला लिया है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की घोषणा के बाद शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है. विभाग ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित अराजकीय प्रस्वीकृत अनुदानित मदरसों की जांच कराने का निर्देश दिया है.
शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने जांच प्रक्रिया के लिए प्रत्येक प्रखंड में तीन सदस्यीय समिति गठित करने को कहा है. इस समिति की जिम्मेदारी संबंधित मदरसों की जमीनी जांच करना होगी. समिति का अध्यक्ष संबंधित प्रखंड के बीडीओ या अंचलाधिकारी को बनाया जाएगा. वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे. इसके अलावा प्रखंड मुख्यालय स्थित किसी सरकारी माध्यमिक या उच्च माध्यमिक विद्यालय के वरिष्ठ प्रधानाध्यापक को समिति का सदस्य बनाया जाएगा.
डीईओ करेंगे सदस्यों का चयन
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि समिति के सदस्यों को नामित करने का अधिकार जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास होगा. समिति गठन के बाद संबंधित मदरसे की जांच कर फोटो और अन्य साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट तैयार की जाएगी. विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि समिति गठन के 10 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी.
सरकार ने क्यों शुरू की जांच
शिक्षा विभाग का कहना है कि राज्य सरकार इन मदरसों को आर्थिक सहायता देती है. इसी अनुदान से वहां कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन भी दिया जाता है. ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल रही है और संस्थान निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित हो रहे हैं. इसी उद्देश्य से सभी अनुदानित मदरसों की जमीनी स्तर पर जांच कराने का निर्णय लिया गया है.
फर्जी मदरसे और संस्कृत विद्यालयों पर होगी कार्रवाई
कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी कहा था कि राज्य में संचालित मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की व्यापक जांच कराई जाएगी. उन्होंने साफ कहा था कि जो संस्थान नियमों का पालन नहीं कर रहे होंगे या फर्जी तरीके से संचालित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
मंत्री ने कहा था कि शिक्षा के नाम पर किसी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा.
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नियमों के अनुसार चलने वाले संस्थानों को मिलेगा सहयोग
सरकार का कहना है कि जो मदरसे और संस्कृत विद्यालय सभी नियमों का पालन कर रहे हैं, उन्हें आगे भी पूरा सहयोग दिया जाएगा. शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा था कि राज्य में मदरसों के साथ-साथ संस्कृत विद्यालयों के विकास पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार दोनों प्रकार के शैक्षणिक संस्थानों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं करेगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी.
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By Paritosh Shahi
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