अनिल अग्रवाल के ठिकानों पर रेड, वेदांता ग्रुप की मुश्किलें बढ़ीं, मनोज झा ने सरकार पर उठाए सवाल

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 02 Jun 2026 3:45 PM

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अनिल अग्रवाल

ED Raid: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल से जुड़े कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की है. कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े कथित उल्लंघन के मामले में की जा रही है. इस बीच राजद सांसद मनोज झा ने भी इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं.

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ED Raid: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल से जुड़े कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की है. जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले में की जा रही है. जांच एजेंसी विदेशी लेनदेन और वित्तीय गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है. फिलहाल इस मामले में वेदांता ग्रुप की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

FEMA के तहत कब होती है कार्रवाई?

ईडी तब कार्रवाई करती है जब किसी व्यक्ति या कंपनी पर विदेशी मुद्रा से जुड़े नियमों के उल्लंघन का संदेह होता है. इसमें विदेशों में अवैध तरीके से धन भेजना, हवाला कारोबार, विदेश में संपत्ति खरीदना या विदेशी निवेश से जुड़े नियमों का पालन नहीं करना जैसे मामले शामिल हो सकते हैं. ऐसे मामलों में ईडी वित्तीय रिकॉर्ड और लेनदेन की गहन जांच करती है.

किन क्षेत्रों में कारोबार करता है वेदांता ग्रुप?

वेदांता देश की बड़ी खनन और धातु कंपनियों में शामिल है. कंपनी एल्युमिनियम उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी मानी जाती है. इसके अलावा देश में जिंक उत्पादन में भी इसकी बड़ी हिस्सेदारी है. समूह कच्चे तेल के उत्पादन से भी जुड़ा हुआ है. कंपनी ने आने वाले वर्षों में भारत में बड़े स्तर पर निवेश की योजनाएं भी घोषित की हैं.

वेदांता ग्रुप इससे पहले भी विदेशी मुद्रा नियमों से जुड़े मामलों में जांच का सामना कर चुका है. 2004 में समूह की एक कंपनी और उसके कुछ निदेशकों पर विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे थे. उस समय जांच के बाद जुर्माना भी लगाया गया था.

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ईडी की कार्रवाई पर क्या बोले मनोज झा?

राजद सांसद मनोज झा ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि अनिल अग्रवाल और वेदांता ग्रुप पर ईडी की कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राजनीतिक और कारोबारी हलकों में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं.

मनोज झा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जांच एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन जब बार-बार कार्रवाई का पैटर्न राजनीतिक या कारोबारी असहमतियों के आसपास दिखाई देता है तो सवाल खड़े होना स्वाभाविक है. उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थाओं के इस्तेमाल को लेकर गंभीर बहस की जरूरत है.

अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसी को क्या डॉक्यूमेंट मिलते हैं और वेदांता ग्रुप इस पूरे मामले पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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