Gaya: उद्घाटन से पहले ही जर्जर हुआ पुल, प्रशासन ने बंद कराया आवागमन, 60 गांवों के लोग प्रभावित
Published by : Prashant Tiwari Updated At : 20 Jun 2025 8:01 PM
पुल पर लगाया गया नोटिस
Gaya: डोभी प्रखंड के कोठवारा गांव के पास निलांजन नदी पर नाबार्ड योजना के तहत तिरुपति बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा करीब ढाई साल पहले कोठवारा से वरिया तटका को जोड़ने वाला पुल बनाया गया था. हालांकि अभी तक पुल का औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है. इससे पहले ही पुल जर्जर हो गया है.
Gaya: वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर शुक्रवार को शेरघाटी एसडीओ मनीष कुमार, शेरघाटी टू डीएसपी संजीव कुमार प्रभात और डोभी अंचलाधिकारी परीक्षित कुमार ने कोठवारा गांव के समीप निलांजन नदी पर बने क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान पुल निर्माण में लगे कनीय अभियंता अविनाश मिश्रा से पुल की स्थिति, तकनीकी जांच और लेवल रिपोर्ट की जानकारी ली गयी. एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि नदी में तेज बहाव और पुल के पाया में हो रहे कटाव के कारण पुल तेजी से दरक रहा है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. उन्होंने ऐहतियातन पुल पर आवागमन को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया है. इसके तहत पुल को बैरिकेडिंग कर सील किया जा रहा है.

क्षतिग्रस्त पुल पर आवागमन बंद
उल्लेखनीय है कि डोभी प्रखंड अंतर्गत कोठवारा गांव के समीप निलांजन नदी पर नाबार्ड योजना के तहत तिरुपति बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा करीब ढाई वर्ष पहले कोठवारा से वरिया तटका को जोड़ने वाला पुल बनाया गया था. हालांकि अभी तक पुल का औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है. गुरुवार को पुल के चौथे पाये के धंस जाने के कारण पुल की संरचना कई जगहों पर दरकने लगी है और इसका झुकाव नदी की ओर हो गया है. शुक्रवार को किये गये निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पुल की स्थिति गुरुवार की अपेक्षा और भी खराब हो गयी है. पुल पर आवागमन रोकने के निर्णय से करीब 60 गांवों के लोग प्रभावित हो गये हैं.
19वीं सदी जैसे हालात का करना पड़ेगा सामना: ग्रामीण
खरांटी पंचायत के सरपंच जयराम यादव, ग्रामीण संजय यादव, सुबोध यादव, रमेश यादव, उपेंद्र यादव और बबलू राव सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने चिंता जतायी है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि आवागमन पूरी तरह बंद हो गया, तो उन्हें 19वीं सदी जैसे हालात का सामना करना पड़ेगा. बीमार लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पायेगा, जिससे जान जोखिम में पड़ सकती है. वहीं, बच्चों की शिक्षा भी बुरी तरह प्रभावित होगी, क्योंकि कई स्कूल बसें इसी पुल से होकर गांवों में आती थीं. अब बस सेवा बंद हो जाने से बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जायेगा और उनका भविष्य अंधकारमय हो जायेगा.
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वैकल्पिक मार्ग की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं होता, तब तक एक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाये, ताकि आवागमन सुचारू रूप से चलता रहे और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
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लेखक के बारे में
By Prashant Tiwari
प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.
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