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BPSC 69वीं पीटी परीक्षा की वैकेंसी में इजाफा, जानिए कब होगा शिक्षक अभ्यर्थियों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

Updated at : 28 Aug 2023 9:18 PM (IST)
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BPSC 69वीं पीटी परीक्षा की वैकेंसी में इजाफा, जानिए कब होगा शिक्षक अभ्यर्थियों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

बिहार के मूल निवासियों के लिए उनके जिला स्तर पर किया जायेगा जबकि राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन पटना स्थित बीपीएससी मुख्यालय में कराया जायेगा. साथ ही बीपीएससी 69 वीं एकीकृत संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा की रिक्ति में इजाफा हुआ है.

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BPSC 69th PT Exam: बीपीएससी 69 वीं एकीकृत संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा की रिक्ति में इजाफा हुआ है. आयोग ने सप्लाई इंसपेक्टर के 33 पद एकीकृत 69वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल किये हैं. इसके साथ ही कुल रिक्त पदों की संख्या 442 से बढ़ कर अब 475 तक पहुंच गयी है. इन 33 पदों में 19 अनारक्षित जबकि चार एससी, एक एसटी, चार ईबीसी, एक बीसी, एक बीसी महिला और तीन इडब्ल्यूएस श्रेणी की है. वहीं इससे पहले बीपीएससी ने रविवार को बड़ा फैसला लेते हुए एकीकृत 69वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा से ‘इ’ ऑप्शन हटा दिया है.

30 सितंबर को होगी परीक्षा

बता दें कि सीडीपीओ और संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा समेत समान प्रकृति की चार परीक्षाओं के लिए बीपीएससी द्वारा एकीकृत 69वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा का 30 सितंबर को आयोजन किया जा रहा है. इसके लिए 2.70 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया है. 15 नवंबर को पीटी का रिजल्ट निकलेगा और 9 से 16 दिसंबर तक इसकी मुख्य परीक्षा होने की संभावना है. इसके बाद इंटरव्यू होगा और फिर फाइनल रिजल्ट प्रकाशित किया जाएगा.

पहली बार समान प्रकृति की परीक्षाओं के लिए पीटी

बिहार लोक सेवा द्वारा आयोजित यह पहली ऐसी परीक्षा होगी जिसमें समान प्रकृति की कई परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा एक साथ ली जायेगी. जिनमें 69 वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा, वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी, बालविकास परियोजना पदाधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक तकनीकी शामिल हैं.

लागू होगी निगेटिव मार्किंग

बीपीएससी 69 वीं एकीकृत संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतर्गत चार परीक्षाओं (संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा, पुलिस उपाधीक्षक तकनीक, सीडीपीओ और वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी) के लिए ली जा रही पहली कॉमन पीटी में निगेटिव मार्किंग लागू होगी. प्रारंभिक परीक्षा की अवधि दो घंटे की होगी जिसमें 150 वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जायेंगे. प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए चुने गये अभ्यर्थियों की संख्या 10 गुणी होगी.

इन विषयों से पूछे जाएंगे प्रश्न

  • प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य विज्ञान

  • राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं

  • भारत का इतिहास तथा बिहार के इतिहास की प्रमुख विशेषताएं

  • सामान्य भूगोल

  • बिहार के प्रमुख भौगोलिक प्रभाग तथा यहां की महत्वपूर्ण नदियां

  • भारत की राज व्यवस्था और आर्थिक व्यवस्था

  • आजादी के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था के प्रमुख परिवर्तन

  • भारत के राष्ट्रीय आंदोलन

  • बिहार का योगदान तथा सामान्य मानसिक योग्यता को जांचने वाले प्रश्न होंगे

न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स

  • सामान्य वर्ग के लिए 40 फीसदी

  • पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 फीसदी

  • अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 फीसदी

  • एसी, एसटी, महिला और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 32 फीसदी मार्क्स क्वालिफाइंग होगा

बीपीएससी की एकीकृत 69वीं पीटी में नहीं होगा ‘इ’ ऑप्शन

वहीं इसे पहले बीपीएससी द्वारा एकीकृत 69वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा से ‘इ’ ऑप्शन हटा दिया गया है. इसमें एक प्रश्न के लिए उत्तर के केवल चार विकल्प ए, बी, सी और डी दिये जायेंगे. बीपीएससी अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने रविवार को ट्विट करके यह जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि परीक्षा में निगेटिव मार्किंग लागू रहेगी और हर गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक कटेगा.

चार से 12 सितंबर तक होगा 9वीं-10वीं और 11वीं -12 वीं कक्षा के शिक्षक अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन

चार से 12 सितंबर तक 9वीं-10वीं और 11वीं -12 वीं कक्षा के शिक्षक अभ्यर्थियाें का दस्तावेज सत्यापन होगा. यह प्रदेश के मूल निवासियों के लिए उनके जिला स्तर पर किया जायेगा जबकि राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन पटना स्थित बीपीएससी मुख्यालय में कराया जायेगा. अभ्यर्थियों को बीपीएससी ने ऑनलाइन आवेदन के समय अपलोड किये गये सभी दस्तावेजाें का निर्धारित अवधि के भीतर निर्दिष्ट स्थान पर सत्यापन सुनिश्चित कराने को कहा है.

एक से आठ सितंबर होगा दिव्यांगों का मेडिकल

दिव्यांग अभ्यर्थियों को एक से आठ सितंबर तक जिला स्तर पर गठित मेडिकल बोर्ड के द्वारा उनके अपलोड किये गये दिव्यांगता प्रमाणपत्र के आधार पर अपनी दिव्यांगता की जांच करानी है . यदि विशेष कारणों से दिव्यांगता की जांच जिला स्तर पर गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा संभव नहीं हो तो ऐसी स्थिति में दिव्यांग अभ्यर्थियों को आइजीआइएमएस या पीएमसीएच में अग्रसारित किया जायेगा . राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों की दिव्यांगता प्रमाणपत्र की जांच आइजीआइएमएस या पीएमसीएच में कराया जायेगा. बीपीएससी ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि तक अपना दिव्यांगता जांच सुनिश्चित कराने को कहा है.

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Anand Shekhar

लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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