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दो दिनों से 20 हजार लोगों के समक्ष जल संकट

Updated at : 09 Apr 2020 12:18 AM (IST)
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दो दिनों से 20 हजार लोगों के समक्ष जल संकट

बिहारशरी : फगत दो दिनों से शहर के वार्ड नंबर 22 स्थित गायत्री शक्तिपीठ के समीप पेयजल आपूर्ति केंद्र ठप है, जिसके कारण करीब 20 हजार लोगों के समक्ष पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. पिछले 45 दिनों के अंदर में पांचवीं बार उक्त वार्ड के पेयजल आपूर्ति केंद्र की मोटर खराब हुई है. वर्तमान […]

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बिहारशरी : फगत दो दिनों से शहर के वार्ड नंबर 22 स्थित गायत्री शक्तिपीठ के समीप पेयजल आपूर्ति केंद्र ठप है, जिसके कारण करीब 20 हजार लोगों के समक्ष पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. पिछले 45 दिनों के अंदर में पांचवीं बार उक्त वार्ड के पेयजल आपूर्ति केंद्र की मोटर खराब हुई है. वर्तमान में लॉकडाउन के बीच बिन पानी लोगों को घरों में बंद रहना एक चुनौती बनी हुई है. गर्मी की शुरुआत में ही पेयजल आपूर्ति केंद्र की मोटर खराब होने की घटना से शहर के एक बड़ी आबादी को पेयजल की चिंता अभी से सताने लगी है. हालांकि मोटर खराब होने की सूचना ऑपरेटर द्वारा विभागीय अधिकारी को दे दी गयी है और मोटर ठीक करने का कार्य भी शुरू हो गया है.

बताया जाता है कि वार्ड नंबर 22 की बोरिंग से पानी आपूर्ति ठप होने से आसपास के करीब तीन वार्डों की जनसंख्या प्रभावित हो रही है. हालांकि इस वार्ड में एक और बोरिंग खलिहानी पर मुहल्ला में है, जो अभी चालू है. लेकिन, बड़ी आबादी और लंबी दूरी होने के कारण इस बोरिंग से शहर के बड़ी जनसंख्या तक पानी नहीं पहुंच पाता है.देखभाल के अभाव में बार-बार खराब हो रही मोटरपिछले 45 दिनों में पांचवीं बार वार्ड नंबर 22 के जलापूर्ति केंद्र की मोटर खराब हुई है. स्थानीय लोगों की शिकायत है कि देखभाल के अभाव में अक्सर मोटर खराब हो जाती है, जिससे शहर की एक बड़ी आबादी के बीच पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो जाती है. वार्ड के अधिकांश घरों में चापाकल और कुआं भी नहीं है. कुछ लोगों के पुराने घरों में पास चापाकल है, जो जल स्तर नीचे जाने के कारण बेकार हो गया है.

हालांकि इस वार्ड में तीन स्टैंड पोस्ट हैं, जो पूरे वार्डवासियों को पानी की आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त नहीं है. पानी के बिना घरों में रहना बड़ी चुनौतीसुबह से लेकर देर शाम तक लोगों को दैनिक जीवन में पानी की जरूरत होती है. ऐसे में लॉकडाउन के बीच बिन पानी के घरों में रहना वार्ड 22 के लोगों के लिए एक चुनौती भरी स्थिति है. लोगों घर से बाहर निकलने में कोरोना संक्रमण का भय है. वहीं पेयजल के लिए स्टैंड पोस्ट और दूसरे मुहल्ले में जाना लोगों के लिए मजबूरी है. हालांकि एक टैंकर पानी नगर निगम द्वारा मुहल्ले में आपूर्ति करायी गयी है, जो जनसंख्या और जरूरत के हिसाब से पर्याप्त नहीं है. एक बड़ी आबादी को सताने लगी पेयजल की चिंतागत कुछ वर्षों से लगातार जल स्तर काफी तेजी से नीचे जा रहा है. नतीजन गर्मी के दिनों में शहर के कुछ क्षेत्र में तो पेयजल के लिए हाहाकार मच जाता है.

यही कारण है कि गर्मी के दस्तक देते ही शहर की एक बड़ी आबादी को अभी से पेयजल की चिंता सताने लगी है. कुछ वार्डवासियों का कहना है कि विभाग पेयजल की समस्या को निदान समय रहते नहीं करता है. जब गर्मी आती है, तो स्टैंड पोस्ट, लीकेज पाइप, खराब चापाकल आदि बनाने में जुट जाते हैं. गर्मी जाते ही विभाग भी काम करना बंद कर देता है. कंट्रोल इंचार्ज ने कहा, सूचना मिलते ही शुरू हुआ कामकंट्रोल इंचार्ज रंजीत प्रसाद ने बताया कि उन्हें सोमवार की शाम वार्ड 22 के नाला रोड स्थिति पेयजल आपूर्ति केंद्र की मोटर खराब होने की सूचना मिली. तत्काल मिस्त्री को भेजकर जांच करायी गयी, जिसमें मोटर खराब होने की बात सामने आयी है. उसे मरम्मत कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है.

साथ ही मुहल्ले में एक-एक टैंकर पानी की आपूर्ति सुबह और शाम कराने की भी व्यवस्था की गयी है. वहीं, मुहल्लावासी द्वारिका प्रसाद, भोली प्रसाद, कन्हैया कुमार, मधु कुमारी, धीरज कुमार आदि का कहना है कि बोरिंग से पानी की आपूर्ति रविवार की शाम ही से बंद है. वहीं, एक टैंकर पानी इतनी बड़ी जनसंख्या के लिए पर्याप्त नहीं है. नाला रोड स्थित पेयजल आपूर्ति केंद्र पर है अधिक लोडनाला रोड स्थित पेयजल आपूर्ति केंद्र की मोटर बोरिंग से निकाल ली गयी है. खराब मोटर की मरम्मत का कार्य करने के लिए मिस्त्री को बुलाया गया है. मोटर मरम्मत के बाद बोरिंग में सेट करने में कुछ वक्त लगने की संभावना है. उन्होंने बताया कि नाला रोड स्थित पेयजल आपूर्ति केंद्र पर अधिक लोड है. इस बोरिंग से काफी लंबी दूरी और एक बड़ी जनसंख्या तक पानी सप्लाइ होती है. इस कारण लगातार अधिक समय तक मोटर चलानी पड़ती है. साथ ही बिजली के वोल्ट में लो-हाइ होने से भी मोटर खराब होने की आशंका रहती है.

शायद इसी कारण से इस बोरिंग की मोटर अधिक खराब होती है. खराब मोटर को मरम्मत करने में एक बार में 12 से 25 हजार रुपये तक खर्च आता है. नागेंद्र कुमार सत्यपाल, कनीय अभियंता यांत्रिक, नगर निगम बिहारशरीफक्या कहते हैं अधिकारीनाला रोड स्थित पेयजल आपूर्ति केंद्र की खराब मोटर को जल्द ठीक किया जायेगा. शहर के किसी वार्ड में पेयजल संकट पैदा होने पर तत्काल निदान के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है. कंट्रोल में तैनात अधिकारी शिकायत मिलते ही संबंधित क्षेत्र में पेयजल समस्या दूर करने पर काम शुरू कर देते हैं. जरूरत पड़ने पर संबंधित क्षेत्र में टैंकर से पेयजल की आपूर्ति की जायेगी.अंशुल अग्रवाल, नगर आयुक्त, नगर निगम, बिहारशरीफ

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