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शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय स्थल चयन में तकनीकी खामियों का रालोमो ने किया उजागर

Updated at : 05 Aug 2025 10:36 PM (IST)
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शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय स्थल चयन में तकनीकी खामियों का रालोमो ने किया उजागर

केंद्रीय विद्यालय निर्माण के लिए शेखपुरा के खुड़िया बाजितपुर में स्थल चयन को लेकर रालोमो ने तकनीकी खामियां उजागर की है.

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शेखपुरा. केंद्रीय विद्यालय निर्माण के लिए शेखपुरा के खुड़िया बाजितपुर में स्थल चयन को लेकर रालोमो ने तकनीकी खामियां उजागर की है. उन्होंने कहा कि डे स्कूलिंग के लिए प्रतिदिन 20 किलोमीटर दूर जाना बच्चों के लिए संभव नहीं है. मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रालोमो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जीतेंद्र नाथ पटेल ने बिहार में किये जा रहे कार्यों के लिए सीएम नीतीश कुमार एवं एनडीए गठबंधन की सरकार की जमकर तारीफ की. उन्होंने शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय निर्माण स्थल चयन को लेकर भी जिला प्रशासन को भी सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय में मुख्य रूप से केंद्रीय कर्मियों के बच्चे पढ़ाई करते हैं. ज्यादातर रेलवे, डाक कर्मी, सेना के जवान, दूरसंचार सहित अन्य विभाग से जुड़े ज्यादातर लोग जिला मुख्यालय के इर्द-गिर्द ही कार्यरत होते है. ऐसे में उनके बच्चे जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर पढ़ाई करने कैसे जा सकेंगे. बड़ी बात यह है की जिला मुख्यालय से प्रस्तावित स्थल खुडिया बाजितपुर तक फिलहाल आवागमन के लिए नियमित वाहनों का आभाव है. साथ ही बच्चों को बेवजह लंबी दूरी तय करने की मजबूरी भी होगी. मंगलवार को द कैपिटल होटल में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर रालोमो नेताओं ने अपनी पार्टी सुप्रीमो केंद्र कुशवाहा एवं एनडीए की उपलब्धियां गिनायी. उन्होंने कहा कि भारत सरकार में मानव संसाधन विभाग के मंत्री रहते उपेंद्र कुशवाहा ने शेखपुरा सहित बिहार 16 जिलों में केंद्रीय विद्यालयों को स्वीकृति प्रदान किया था. इसके लिए बिहार सरकार से 5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने को कहा था. लेकिन राज्य सरकार ने तीन एकड़ ही जमीन पर अपनी सहमति जताई थी. वर्तमान परिवेश में एनडीए के केंद्रीय और राज्य सरकार के बेहतर तालमेल का नतीजा है कि 16 स्कूलों के निर्माण के लिए पहल शुरू हो गया है. उन्होंने बताया कि पार्टी द्वारा बाल्मीकि नगर में आयोजित राजनीतिक मंथन शिविर में 14 मांगों का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ था. जिसमें से 3 मांगें स्वीकार कर ली गई हैं. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की दूरगामी सोच का ही परिणाम है. शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल नीति,स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड लिमिट को 10 लाख तक करना एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद और आभार जताया. क्योंकि यह उनके होते ही संभव हो पाया है कि देश में जातीय जनगणना होने का प्रस्ताव पारित हो गया है और बिहार चहुमुखी विकास की ओर अग्रसर है. इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष पप्पू राज मंडल, प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र कुशवाहा, प्रदेश प्रवक्ता सह प्रदेश महासचिव राहुल कुमार, प्रखंड अध्यक्ष गोरेलाल कुशवाहा, प्रदेश सचिव प्रमोद यादव, प्रदेश महासचिव राजेश रंजन उर्फ़ गुरु मुखिया, प्रदेश महासचिव बिपिन चौरसिया, प्रदेश सचिव विनोद महतो, प्रखंड अध्यक्ष सुनील रजक, अमीर राज मंडल, श्याम सुंदर कुशवाहा, नगर अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी प्रेम गुप्ता, दलित प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष रामप्रसाद दास, वरिष्ठ नेता जहेंद्र महतो, वीरेंदर महतो, अफसर खान, राजाराम प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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