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अब विद्यालय संबंधी कोई भी सूचना छुपाना शिक्षकों के लिए मुश्किल

Updated at : 13 Dec 2024 9:40 PM (IST)
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अब विद्यालय संबंधी कोई भी सूचना छुपाना शिक्षकों के लिए मुश्किल

सरकारी विद्यालयों के शिक्षक व प्रधानाध्यापक अब विद्यालय संबंधी किसी भी सूचना को विभागीय मुख्यालय से नहीं छुपा सकेंगे.

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बिहारशरीफ. सरकारी विद्यालयों के शिक्षक व प्रधानाध्यापक अब विद्यालय संबंधी किसी भी सूचना को विभागीय मुख्यालय से नहीं छुपा सकेंगे. अब विद्यालय संचालन की सच्चाई से रूबरू होने के लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के द्वारा पटना से सीधे वीडियो कॉल के माध्यम से स्कूलों का जायजा लिया जाएगा. इससे जिले के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों तथा प्रधानाध्यापकों में हड़कंप मच गया है. पूर्व में प्रधानाध्यापकों के द्वारा जहां बच्चों तथा शिक्षकों की उपस्थिति से लेकर मध्यान भोजन तथा विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं से लेकर वर्ग कक्ष तक की सही जानकारी देने में कई तथ्यों को छुपाया जाता था. अब निरीक्षण की इस नई प्रणाली से कुछ भी छुपाना मुश्किल हो जाएगा. विभाग द्वारा स्कूलों की निगरानी करने की इस नई प्रक्रिया से शिक्षकों को सतर्क करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार के द्वारा जिले के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को कई निर्देश दिए गए हैं. इस निर्देश के आलोक में प्रधानाध्यापक को विभाग का एक मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया है. इस नम्बर से प्राप्त होने वाली वीडियो कॉल को हर हाल में रिसीव करने का निर्देश दिया गया है. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग के द्वारा प्रतिदिन 10 विद्यालयों की वीडियो कॉल के माध्यम से अनुश्रवण की जा रही है. इस दौरान विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से वीडियो कॉल के माध्यम से चेतना सत्र, वर्ग कक्ष संचालन, छात्रों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन आदि का अनुश्रवण सीधे मुख्यालय से किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के मोबाइल नं 9153468895 के माध्यम से आने वाले वीडियो कॉल को संबंधित प्रधानाध्यापक अथवा प्रभारी प्रधानाध्यापक तुरंत रिसिव करें एवं उनके द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर दें. कॉल के दौरान एवं दिए जाने वाले निदेशों तथा आदेशों के अनुसार अपने मोबाइल का फ्रंट कैमरा तथा बैक कैमरा के माध्यम से विद्यालय परिसर दिखाना सुनिश्चित करें. प्रतिउत्तर के दौरान प्रधानाध्यापक तथा शिक्षक ईयर फोन का भी उपयोग कर सकते हैं, ताकि संवाद ठीक से सुनाई पड़े.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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