बिहारशरीफ बाजार समिति पर अतिक्रमण का कब्जा, जाम और अव्यवस्था से परेशान व्यापारी
Published by : Vivek Singh Updated At : 12 Jun 2026 7:49 AM
बाजार समिति में लगी जाम की तस्वीर
Nalanda News : नालंदा के बिहारशरीफ स्थित बाजार समिति में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. लोगों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर लगातार अवैध कब्जे हो रहे हैं, जिससे मंडी की व्यवस्था गड़बड़ हो गई है.
Nalanda News : (कंचन कुमार) नालंदा के बिहारशरीफ स्थित बाजार समिति में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. लोगों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर लगातार अवैध कब्जे हो रहे हैं, जिससे मंडी की व्यवस्था चरमरा गई है. जाम, अव्यवस्था और किसानों की परेशानी के बीच अब प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है.
रामचंद्रपुर से भरावपर तक रोज लग रहा जाम
बाजार समिति के आसपास बढ़ते अतिक्रमण का सबसे बड़ा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि रामचंद्रपुर से भरावपर तक अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है. सड़क किनारे लगे ठेले, दुकानें और अस्थायी निर्माणों के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. इससे आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों और किसानों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मुख्य गेट के आसपास फैल गया अवैध कब्जे का जाल
स्थानीय लोगों के अनुसार बाजार समिति के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर आसपास के इलाकों तक अवैध दुकानों और निर्माणों का जाल फैल चुका है. मंडी परिसर में प्रवेश और निकास दोनों प्रभावित हो रहे हैं. कई बार बड़े मालवाहक वाहनों को मंडी तक पहुंचने में भी कठिनाई होती है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है.
सरकारी जमीन पर बन गए निजी मकान
स्थानीय निवासी अजय पासवान, दिनेश कुमार और पप्पु समेत कई लोगों का आरोप है कि बाजार समिति की जमीन पर धीरे-धीरे निजी मकानों का निर्माण कर लिया गया है. उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी संपत्ति पूरी तरह कब्जे की चपेट में आ सकती है. लोगों ने जमीन की जांच कर अवैध निर्माण हटाने की मांग की है.
जिले की सबसे बड़ी सब्जी मंडी पर मंडरा रहा संकट.
बिहारशरीफ बाजार समिति जिले की प्रमुख सब्जी मंडी मानी जाती है, जहां प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार होता है. हजारों किसान, थोक व्यापारी और खुदरा विक्रेता अपनी आजीविका के लिए इस मंडी पर निर्भर हैं. लेकिन अतिक्रमण और अव्यवस्था के कारण यहां की व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित होने लगी हैं.
ठेले और रिक्शों ने बढ़ाई परेशानी
मंडी परिसर में बड़ी संख्या में ठेले, रिक्शे और अस्थायी दुकानें लगने से हालात और खराब हो गए हैं. खरीदारों और विक्रेताओं को सामान लाने-ले जाने में कठिनाई होती है. कई बार भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि मंडी के भीतर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है.
सड़क पर सब्जी बेचने को मजबूर हैं किसान
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी परिसर में पर्याप्त जगह नहीं मिलने के कारण कई किसान सड़क किनारे ही अपनी उपज बेचने को मजबूर हैं. इससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि किसानों को भी मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है. समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है.
अधिकारियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण अतिक्रमण की समस्या लगातार बढ़ती गई. समय रहते कार्रवाई नहीं होने से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे मजबूत होते गए. अब स्थानीय नागरिक इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग भी कर रहे हैं.
सर्वे कर कार्रवाई की मांग तेज
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बाजार समिति की जमीन का सर्वे कराने और वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है. उनका कहना है कि अवैध कब्जों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि मंडी क्षेत्र को व्यवस्थित किया जा सके और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके.
अतिक्रमणमुक्त और आधुनिक मंडी बनाने की मांग
नागरिकों और व्यापारियों का मानना है कि बाजार समिति को अतिक्रमणमुक्त कर आधुनिक और सुव्यवस्थित मंडी के रूप में विकसित किया जाना चाहिए. इससे किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, व्यापार को गति मिलेगी और शहर की यातायात व्यवस्था भी सुधरेगी. लोगों ने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है.
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लेखक के बारे में
By Vivek Singh
विवेक सिंह माता सीता की धरती और मिथिला का द्वार कहे जाने वाले समस्तीपुर जिले से आते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले #The_Newsdharma के साथ डिजिटल मीडिया, ग्राउंड रिपोर्टिंग , और न्यूज़ लेखन के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रहा है. सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, युवा, महिला सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं. सरल, तथ्यात्मक और प्रभावी लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें और मुद्दे पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. NGO अमर शहीद बिपिन सिंह फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण ,रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भी कार्य करने का अनुभव हैं.
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