बिहारशरीफ में खरीफ फसल बीमा की तारीख बढ़ी, 16 अगस्त तक किसानों को मिलेगा लाभ

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नालंदा के किसानों के लिए बड़ी राहत. खरीफ फसल बीमा की अंतिम तिथि 16 अगस्त तक बढ़ी, धान किसानों को मिलेगा सुरक्षा कवच

नालंदा में खरीफ फसल बीमा की अंतिम तिथि 16 अगस्त तक बढ़ गई है। धान किसान अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाकर अपनी फसलों को सुरक्षित कर सकते हैं।

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बिहारशरीफ समेत पूरे नालंदा जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. खरीफ सीजन के बीच केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है. पहले यह तारीख 31 जुलाई थी, जिसे अब बढ़ाकर 16 अगस्त 2026 कर दिया गया है. इससे उन किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा जो अब तक अपनी फसल का बीमा नहीं करा पाए थे.

इन दिनों जिले में धान की रोपनी अपने चरम पर है और किसान खेतों में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. ऐसे समय में बीमा की समय सीमा बढ़ने से किसानों को बड़ी राहत मिली है. अब वे बिना जल्दबाजी के अपनी फसल का बीमा करा सकेंगे.

धान की खेती पर टिका है जिले का भविष्य

नालंदा जिला मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है और यहां खरीफ सीजन में सबसे ज्यादा धान की खेती होती है. इसके अलावा मक्का, बाजरा समेत अन्य फसलें भी उगाई जाती हैं. लेकिन मानसून की अनिश्चितता के कारण किसानों को हर साल जोखिम का सामना करना पड़ता है.

कभी ज्यादा बारिश तो कभी सूखे की स्थिति, इसके अलावा जलभराव और कीट-रोग भी फसल को नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करती है.

छूटे किसानों को मिला नया मौका

सरकार के इस फैसले से उन किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो किसी कारण से पहले आवेदन नहीं कर सके थे. कई बार तकनीकी दिक्कत, बैंक प्रक्रिया या जानकारी के अभाव में किसान बीमा नहीं करा पाते हैं. अब उन्हें एक और मौका मिला है.

किसान 16 अगस्त 2026 तक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर, बैंक शाखा या कृषि विभाग के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी बीमा कराया जा सकता है.

सिर्फ दो प्रतिशत प्रीमियम में बड़ी सुरक्षा

इस योजना की खास बात यह है कि किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होता है. खरीफ फसलों के लिए केवल दो प्रतिशत राशि किसान देते हैं, जबकि बाकी खर्च केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाती हैं. कम लागत में ज्यादा सुरक्षा मिलने से यह योजना किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है.

प्राकृतिक आपदा में मिलेगा सहारा

अगर फसल को बाढ़, सूखा, अधिक बारिश, ओलावृष्टि या कीट-रोग से नुकसान होता है, तो किसानों को बीमा का लाभ मिलता है. इससे उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिलती है. योजना के तहत कटाई के बाद खेत में रखी उपज को भी सुरक्षा मिलती है.

अगर कटाई के 14 दिनों के भीतर कोई प्राकृतिक आपदा होती है, तो किसान 72 घंटे के अंदर सूचना देकर क्लेम कर सकते हैं.

समय पर बीमा कराने की अपील

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी फसल का बीमा करा लें. अधिकारियों का कहना है कि समय पर बीमा कराने से किसानों की मेहनत सुरक्षित रहेगी और किसी भी आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सकेगी.

फिलहाल नालंदा जिले में किसान धान की रोपनी में जुटे हैं और अब इस फैसले के बाद उन्हें अपनी फसल को सुरक्षित करने का एक और अवसर मिल गया है.


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Kanchan Kumar

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By Kanchan Kumar

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