मेरठ में चुनाव से पहले हथियार सप्लाई की साजिश नाकाम, STF की रेड से मचा हड़कंप

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सांकेतिक तस्वीर

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UP Crime: उत्तर प्रदेश एसटीएफ और मेरठ पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हथियारों की सप्लाई कर रहे थे.

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UP Crime: उत्तर प्रदेश एसटीएफ और मेरठ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. पुलिस का दावा है कि यह गिरोह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा था. चुनावी माहौल को देखते हुए इस कार्रवाई को बेहद अहम माना जा रहा है. छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में बने और अधबने तमंचे, कारतूस, मैगजीन तथा हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए.

तहखाने में चल रही थी हथियारों की फैक्ट्री

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मेरठ के लोहियानगर क्षेत्र के अलीपुर गांव स्थित एक मकान के नीचे बने तहखाने में अवैध हथियार तैयार किए जा रहे हैं. सूचना पर एसटीएफ, स्वाट और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त छापेमारी की. जांच में सामने आया कि तहखाने में आधुनिक उपकरणों की मदद से तमंचे तैयार किए जा रहे थे. मौके से कई तैयार और अधबने हथियार, मैगजीन, बैरल और अन्य उपकरण बरामद किए गए.

11 आरोपी गिरफ्तार, सरगना अब भी फरार

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि गिरोह का सरगना रहिमुद्दीन फरार बताया जा रहा है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है. शुरुआती पूछताछ में पता चला कि गिरोह पिछले कुछ महीनों से गुप्त रूप से हथियार तैयार कर विभिन्न जिलों में सप्लाई कर रहा था.

30 से 35 हजार रुपये में बिकता था एक तमंचा

जांच में यह भी सामने आया कि तैयार हथियार मांग के अनुसार बेचे जाते थे. एक तमंचे की कीमत 30 से 35 हजार रुपये तक वसूली जाती थी. पुलिस का दावा है कि गिरोह मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में हथियार पहुंचा चुका है. खरीदारों और पूरे सप्लाई नेटवर्क की भी जांच की जा रही है.

चुनाव से पहले बड़ी सफलता

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चुनावी तैयारियों के बीच यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था के लिहाज से बड़ी सफलता है. आशंका है कि इन हथियारों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों और चुनाव के दौरान माहौल बिगाड़ने में किया जा सकता था. पुलिस अब फरार आरोपियों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है.

पुलिस की जांच जारी

बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है. साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह को कच्चा माल कहां से मिलता था और किन लोगों तक हथियार पहुंचाए जाते थे. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

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Tilak Kumar

लेखक के बारे में

By Tilak Kumar

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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