कम लागत में ज्यादा मछली और बढ़ेगी कमाई! नालंदा में अरवल के 60 किसानों ने सीखी नई तकनीक

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मछली पालन को लेकर लगा केज | Prabhat Khabar Network

अरवल के 60 मत्स्य कृषकों ने नालंदा के मोहनपुर मत्स्य हैचरी का भ्रमण कर मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीकों को सीखा. इस भ्रमण से किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन बढ़ाकर अपनी आमदनी बढ़ाने की व्यावहारिक जानकारी मिली.

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Nalanda Fish Farming Training : अरवल के मत्स्य पदाधिकारी-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के निर्देश पर मत्स्य प्रसार राज्य योजना के तहत गुरुवार को जिले के 60 मत्स्य कृषकों ने नालंदा स्थित मोहनपुर मत्स्य हैचरी का एक दिवसीय भ्रमण किया.

मत्स्य विकास पदाधिकारी श्रीराम कुमार एवं मत्स्य प्रसार पदाधिकारी श्वेता कुमारी के नेतृत्व में पहुंचे कृषकों को मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीक, हैचरी संचालन तथा उत्पादन बढ़ाने के विभिन्न उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई.

हैचरी संचालक द्वारा कार्यप्रणाली की जानकारी

इस दौरान मोहनपुर मत्स्य हैचरी के संचालक शिवनन्दन प्रसाद उर्फ शिवजी ने कृषकों को हैचरी की कार्यप्रणाली और मत्स्य पालन से जुड़ी बारीकियों से अवगत कराया.

मछली पालन की AI इमेज
मछली पालन की AI इमेज

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में मत्स्य उत्पादन के लिए कई आधुनिक एवं व्यावहारिक विधियों का उपयोग किया जा रहा है. इससे मत्स्य पालक कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं.

कम लागत में उत्पादन बढ़ाने के उपाय

उन्होंने बताया कि मछलियों के लिए निर्धारित दाने के अलावा गोबर की खाद तथा घरों और होटलों से निकलने वाले बचे हुए भोजन का उचित तरीके से उपयोग कर भी मत्स्य उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है.

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उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन में वैज्ञानिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन अपनाने से किसानों को काफी लाभ मिल सकता है.

नालंदा में मत्स्य उत्पादन और नीली क्रांति

शिवनन्दन प्रसाद ने कहा कि नालंदा में मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है. जिला धीरे-धीरे मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और यह क्षेत्र नीली क्रांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है.

अधिकारियों के विचार और उपस्थित कृषक

मत्स्य विकास पदाधिकारी श्रीराम कुमार एवं मत्स्य प्रसार पदाधिकारी श्वेता कुमारी ने कहा कि इस तरह के भ्रमण कार्यक्रम से कृषकों को सीधे व्यावहारिक जानकारी मिलती है. इससे वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर मत्स्य उत्पादन और अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे.

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इस अवसर पर मंडल कुमार, लाल बहादुर शास्त्री, पप्पू कुमार, अनीता देवी, बसंती कुमारी, ममता कुमारी, प्रियंका कुमारी, अर्चना कुमारी, उदय कुमार, गुड़िया देवी समेत बड़ी संख्या में मत्स्य कृषक मौजूद थे.


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