राजगीर के गांव बनेंगे एग्रो टूरिज्म हब, पर्यटन की नई संभावनाएं, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
बैठक की तस्वीर
Bihar Sharif News : नालंदा के प्रगतिशील किसानों के साथ आयोजित बैठक में एग्रो टूरिज्म योजना पर विस्तृत चर्चा हुई. इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण संस्कृति, कृषि गतिविधियों और स्थानीय जीवनशैली को पर्यटन से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाना है.
नालंदा (बिहारशरीफ) से रणजीत सिंह की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : पर्यटन नगरी राजगीर के आसपास के गांवों को अब एग्रो टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा. इस पहल से ग्रामीण परिवेश को एक नया मंच मिलेगा, जहां शहर के लोग खेती-किसानी और गांव की संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे. इसी मामले में राजगीर प्रखंड के सीमा गांव के एक निजी प्रतिष्ठान में जिले के दर्जनों प्रगतिशील किसानों के साथ इस योजना पर चर्चा हुई. कार्यक्रम एसोशिएशन फॉर कन्जर्वेशन, उत्तर पूर्वी भारत के अध्यक्ष राजवसु के निर्देशन में आयोजित किया गया. नालंदा के प्रगतिशील किसान और कृषि विभाग के पूर्व आत्मा अध्यक्ष आशुतोष कुमार सुधांशु को इसके संचालन की जिम्मेदारी दी गई है.
किसानों के जीवन को करीब से देख सकेंगे पर्यटक
आशुतोष कुमार ने बताया कि एग्रो टूरिज्म का मुख्य उद्देश्य शहर के शोर-शराबे से दूर लोगों को गांवों के शांत माहौल, मिट्टी की खुशबू और सादे जीवन का अनुभव कराना है. पर्यटक खुद खेतों में जाकर फसल बोने, फल-सब्जी तोड़ने और ट्रैक्टर चलाने जैसी गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे. इससे न सिर्फ प्रकृति से जुड़ाव बढ़ेगा, बल्कि बच्चों और शहरी लोगों को यह भी समझ आएगा कि उनका भोजन खेतों में कैसे उगता है. एग्रो टूरिज्म विशेषज्ञ अभिजित सौरव ने कहा कि नालंदा में यह पहला कदम है. राजगीर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को चुना जाएगा ताकि पर्यटकों को किसानों का रहन-सहन, भोजन, भाषा, संस्कृति, नदियां, पहाड़, धार्मिक स्थल और स्थानीय उपलब्धियों से जोड़ा जा सके.
बिहार की एग्रो टूरिज्म नीति 2024 के तहत राजगीर में शुरू होगी नई पहल
इससे किसानों को आय का एक नया और स्थायी स्रोत मिलेगा. यह योजना बिहार सरकार की एग्री टूरिज्म पॉलिसी 2024 और पर्यटन विभाग के सहयोग से एसोसिएशन फॉर कन्जर्वेशन एंड टूरिज्म की कमेटी बनाकर लागू की जाएगी. अनिकेत रौशन ने बताया कि एग्रो टूरिज्म में कृषि को पर्यटन से जोड़कर पर्यटकों के लिए होम स्टे, प्राकृतिक भोजन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. प्राकृतिक खेती के जिला निगरानी समिति सदस्य वीर अभिमन्यु सिंह ने कहा कि इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच भावनात्मक और पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे. महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कृषि पर्यटन पहले से सफल है. सरकार एग्रो टूरिज्म शुरू करने वाले किसानों को सब्सिडी और ट्रेनिंग की सुविधा भी देती है. कार्यक्रम में कुमार नरेंद्र देव, नीतीश कुमार, सुविधा कुमारी समेत कई लोग मौजूद थे.
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