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केंद्रीय विद्यालय के संगीत शिक्षकों की दो दिवसीय संभागीय कार्यशाला राजगीर में शुरू

Updated at : 30 Jan 2026 9:50 PM (IST)
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केंद्रीय विद्यालय के संगीत शिक्षकों की दो दिवसीय संभागीय कार्यशाला राजगीर में शुरू

शहर के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, नालंदा में शुक्रवार को संगीत शिक्षकों के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ.

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राजगीर. शहर के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, नालंदा में शुक्रवार को संगीत शिक्षकों के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ. इस कार्यशाला में केंद्रीय विद्यालय संगठन, पटना संभाग के लगभग 50 संगीत शिक्षक भाग ले रहे हैं. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि आयुध निर्माणी नालंदा के महाप्रबंधक सह विद्यालय प्रबंधन समिति के नामित अध्यक्ष सुभाषचंद यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय के प्राचार्य विवेक किशोर द्वारा केंद्रीय विद्यालयों से आए संयोजक एवं संसाधक डॉ दीनानाथ मिश्र, निधि मिश्रा, मुकुल आनंद, कुमारी वंदना तथा अमरेंद्र कुमार का हरित वसुंधरा भेंट कर स्वागत किया गया. विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत-नृत्य ने पूरे वातावरण को सांगीतिक और उल्लासपूर्ण बना दिया. अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य विवेक किशोर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में शिक्षा की भूमिका निरंतर बदल रही है. इसके साथ संगीत शिक्षकों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी है. उन्होंने कहा कि संगीत केवल एक विषय नहीं, बल्कि साधना है, जो विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का विकास करता है. जिन बच्चों में संगीत के प्रति अभिरुचि होती है, वे पढ़ाई में भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं. इस कार्यशाला के माध्यम से प्राप्त प्रशिक्षण का लाभ शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों तक पहुंचायेंगे. मुख्य अतिथि सुभाषचंद यादव ने अपने संबोधन में संगीत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगीत एक ऐसी शक्ति है, जो समय और परिस्थिति के अनुसार मनःस्थिति को परिवर्तित करने की क्षमता रखती है. संगीत के माध्यम से मानसिक विकारों की शुद्धि संभव है. उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में संगीत के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं. विद्यार्थियों में संगीत के प्रति रुचि विकसित कर उन्हें आगे बढ़ाने में संगीत शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. कार्यशाला के संयोजक डॉ दीनानाथ मिश्र ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि दो दिनों के दौरान शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, संगीत आधारित एकीकृत शिक्षा, विद्यालय की प्रार्थना सभा में संगीत शिक्षक की भूमिका तथा नवाचारों पर प्रशिक्षण दिया जायेगा. अर्धावकाश के बाद संसाधक मुकुल आनंद ने विद्यालय परफॉर्मेंस और इवेंट मैनेजमेंट विषय पर सत्र लिया, जिसके साथ पहले दिन का प्रशिक्षण संपन्न हुआ. दूसरे दिन समापन के अवसर पर सुर संगम संध्या संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा, जिसमें शहर के लोकप्रिय जनों की सहभागिता रहेगी.

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AMLESH PRASAD

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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