Bihar Weather Alert: बिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का सिलसिला फिलहाल थमने वाला नहीं है. पश्चिम और उत्तर-पश्चिम से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं ने तापमान को और नीचे धकेल दिया है. पटना समेत राज्य के बड़े हिस्से में दिन और रात दोनों समय कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी हुई है.
IMD ने अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वहीं कई जिलों में स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया है. हवाई और रेल यातायात से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक, हर क्षेत्र पर मौसम का सीधा असर दिख रहा है.
बर्फीली हवाओं ने थामी बिहार की रफ्तार
बिहार के वायुमंडल में इस समय उत्तर-पश्चिमी दिशा से आने वाली बर्फीली हवाएं राज कर रही हैं. इन हवाओं की वजह से कनकनी इतनी बढ़ गई है कि घरों के भीतर भी लोग कांप रहे हैं. पटना में पिछले चार दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में पांच डिग्री की बड़ी गिरावट देखी गई है.
रविवार को जहां पटना का न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री रहा, वहीं अधिकतम तापमान महज 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक धूप का प्रभाव नहीं बढ़ता और हवा की गति कम नहीं होती, तब तक कनकनी से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं.
मुजफ्फरपुर रहा सबसे ठंडा
रविवार को सुबह से ही बिहार के अधिकांश जिलों में घना कोहरा छाया रहा जबकि दिनभर तेज पछुआ हवा चलती रही. धूप का कहीं कोई नामों निशान नहीं रहा. इस वजह से दिन के तापमान में गिरावट देखी गई. मुजफ्फरपुर का अधिकतम तापमान पूरे बिहार में सबसे कम रहा. यहां दिन का तापमान 13.8°C दर्ज किया गया. जबकि दूसरे जिलों में दिन का तापमान 13.8°C-19.5°C तक रहा.
बच्चों की सेहत पर मंडराया निमोनिया का खतरा
कड़ाके की ठंड का सबसे बुरा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. पटना के बड़े अस्पतालों जैसे पीएमसीएच,आईजीआईएमएस और एम्स की ओपीडी में बीमार बच्चों की संख्या में 25 प्रतिशत का उछाल आया है. डॉक्टर विशेष रूप से निमोनिया और सांस की बीमारियों को लेकर चेतावनी दे रहे हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, ओपीडी में आने वाले 60 से 70 प्रतिशत बच्चे गले में दर्द और सांस की समस्या से जूझ रहे हैं, जिनमें से कई निमोनिया की चपेट में हैं. प्रशासन ने इसी खतरे को देखते हुए भागलपुर, मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद और नालंदा समेत कई जिलों में आठवीं तक के स्कूलों को 8 जनवरी तक बंद रखने का फैसला किया है.
आखिर क्यों जम गया है पूरा बिहार
इस भीषण ठंड के पीछे मुख्य कारण उत्तर-पश्चिमी पछुआ हवाओं का लगातार प्रवाह है. रात के समय आसमान साफ रहने से धरती की गर्मी तेजी से अंतरिक्ष में चली जाती है, जिससे न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री नीचे गिर जाता है.
वहीं दिन में नमी की अधिकता और कोहरे की वजह से सूर्य की किरणें धरातल तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे दिन का तापमान भी ऊपर नहीं उठ पा रहा. इसी स्थिति को मौसम विज्ञान की भाषा में ‘कोल्ड डे’ कहा जाता है, जहां दिन और रात दोनों ही समय हाड़ कंपाने वाली ठंड का अहसास होता है.
प्रशासन की तैयारी और अगले सात दिन का हाल
ठंड से बचाव के लिए पटना नगर निगम और सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने कमर कस ली है. शहर के विभिन्न चौराहों पर 258 जगहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं और रैन बसेरों में असहाय लोगों के लिए कंबल व बिस्तर की व्यवस्था की गई है.
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान की मानें तो अगले सात दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन ठिठुरन बरकरार रहेगी. मंगलवार तक कोहरे का घनत्व चरम पर रहने की उम्मीद है. अगले सप्ताह की शुरुआत से ही तापमान में मामूली सुधार की उम्मीद की जा सकती है, तब तक बिहारवासियों को इस ‘सफेद आफत’ और कनकनी के बीच बेहद सतर्क रहने की जरूरत है.

