Bihar Tourism: बिहार में पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य का पर्यटन विभाग डिजिटल मोड में जाने जा रहा है. जल्द ही विभाग का अपना टूरिज्म मैप, पर्यटन ऐप और एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा, जिससे पर्यटक सीधे पर्यटन स्थलों तक पहुंच सकेंगे.
इसके साथ ही सोशल मीडिया के जरिए राज्य के प्रमुख और कम चर्चित पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा. पर्यटन सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में इस दिशा में कई अहम फैसले लिए गए.
टूरिज्म मैप से सीधे डेस्टिनेशन तक पहुंच
पर्यटन विभाग का मानना है कि बिहार के कई पर्यटन स्थल जानकारी के अभाव में पर्यटकों से दूर रह जाते हैं. प्रस्तावित टूरिज्म मैप के जरिए पर्यटकों को न सिर्फ प्रमुख स्थलों, बल्कि आसपास के आकर्षणों, सुविधाओं और रास्तों की भी पूरी जानकारी मिलेगी. यह मैप डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऐप दोनों पर उपलब्ध रहेगा, जिससे यात्रा की योजना बनाना आसान होगा.
पर्यटन विभाग का ऐप राज्य के सभी पर्यटन स्थलों की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराएगा. होटल, ट्रांसपोर्ट, स्थानीय आकर्षण, त्योहार और कार्यक्रमों से जुड़ी सूचनाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपडेट की जाएंगी. विभाग सोशल मीडिया के जरिए भी बिहार की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थल और नेचर टूरिज्म को देश-विदेश तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहा है.
टूरिस्ट गाइड होंगे मल्टी-लिंगुअल और प्रशिक्षित
देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए टूरिस्ट गाइडों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. फिलहाल राज्य में करीब 200 टूरिस्ट गाइड हैं, लेकिन ट्रेनिंग के जरिए इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी.
गाइडों को विभिन्न भाषाओं का ज्ञान, शालीन व्यवहार और पर्यटन स्थलों के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पक्षों की जानकारी दी जाएगी. साथ ही पर्यटन स्थलों पर तैनात कर्मचारियों को भी व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा.
फोर-व्हीलर और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा
राज्य में पर्यटन को और आकर्षक बनाने के लिए पर्यटकों को फोर-व्हीलर की सुविधा देने की योजना है. एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन निगम को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. कैमूर जिले में करमचट डैम के पास होटल निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि वहां आने वाले पर्यटकों को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सके.
अब होगी पर्यटकों की सटीक गिनती
पर्यटन विभाग अब दूसरे राज्यों की तर्ज पर बिहार में आने वाले पर्यटकों की वास्तविक संख्या तय करने की तैयारी में है. इसके लिए प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से गणना पद्धति विकसित की जाएगी. अभी तक होटलों में ठहरने वाले लोगों को भी पर्यटक मान लिया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की अलग-अलग और सटीक गणना होगी.
आंकड़ों के मुताबिक 2024 में बिहार में रिकॉर्ड 6.6 करोड़ पर्यटक आए, जिनमें से 98.9 प्रतिशत घरेलू और करीब 7.37 लाख विदेशी पर्यटक थे. बौद्ध सर्किट और राजगीर जैसे स्थलों पर खासा उछाल देखा गया. वहीं 2025 में जनवरी से मई के बीच ही करीब 1.78 करोड़ पर्यटक बिहार घूमने पहुंच चुके हैं. विभाग को उम्मीद है कि डिजिटल पहल से आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ेगी.
हर सोमवार होगी समीक्षा
पर्यटन सचिव ने स्पष्ट किया है कि विभाग से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर नजर रखने के लिए हर सोमवार समीक्षा बैठक होगी. लक्ष्य है कि योजनाएं समय पर पूरी हों और बिहार पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले.

