ट्रक के टायरों के पास क्यों लटकाई जाती हैं रबर की पट्टियां? कई लोग नहीं जानते वजह

ट्रक के टायरों के पास लटकती रबर की पट्टियां (Photo: AI Generated)
कभी आपने ट्रक के टायरों के ऊपर या आसपास काली रबर की पट्टियां या ट्यूब के टुकड़े लटकते हुए देखे हैं? कई लोग इन्हें सिर्फ सजावट या नजरबट्टू समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन सच कुछ और ही है. आइए, आपको बताते हैं.
सड़क पर दौड़ते भारी-भरकम ट्रक तो आपने जरूर देखे होंगे. लेकिन क्या कभी गौर किया है कि उनके टायरों के पास काले रंग की रबर की पट्टियां या ट्यूब के टुकड़े क्यों लटके होते हैं? अक्सर हम इन्हें सिर्फ सजावट या पुरानी चीजों का जुगाड़ समझकर अनदेखा कर देते हैं. मगर सच तो ये है कि इसके पीछे एक बेहद काम की और दिलचस्प वजह छिपी होती है. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं.
ट्रकों के टायरों के पास क्यों लटकाई जाती है रबर की पट्टी?
ट्रकों के टायरों के पास लटकती रबर की पट्टी को लोग अक्सर नजरबट्टू समझ लेते हैं, लेकिन असल में इसका काम पूरी तरह प्रैक्टिकल होता है. यह पट्टी टायरों को साफ रखने में मदद करती है. इससे उनकी ग्रिप बनी रहती है और लाइफ भी बढ़ती है. दरअसल, ट्रकों को अक्सर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. इस दौरान उन्हें धूल-मिट्टी, कीचड़ और कंकड़-पत्थरों वाली सड़कों से गुजरना पड़ता है. ऐसे में गंदगी टायरों में चिपक जाती है, जो समय के साथ टायर को जल्दी घिस सकती है और उसकी पकड़ भी कमजोर कर सकती है.
यहीं काम आती है ये रबर की पट्टी. चलते समय यह टायरों से चिपकी धूल-मिट्टी को हटाने में मदद करती है, जिससे टायर साफ रहते हैं और उनकी परफॉर्मेंस बेहतर बनी रहती है. यानी ये कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि ड्राइवरों का एक स्मार्ट देसी जुगाड़ है, जो टायर की सेफ्टी और मजबूती दोनों बढ़ाता है.
कैसे काम करता है यह देसी जुगाड़?
ट्रक जैसे ही सड़क पर दौड़ता है, हवा का दबाव और गाड़ी की हलचल इन पट्टियों को लगातार हिलाती-डुलाती रहती है. झूलते हुए ये पट्टियां बार-बार टायरों से टकराती हैं. इस टकराव से टायरों पर जमी धूल, मिट्टी और छोटी-मोटी गंदगी खुद-ब-खुद झड़ती रहती है. आसान शब्दों में कहें तो ये एक ऑटोमैटिक टायर क्लीनिंग सिस्टम जैसा काम करती हैं. फायदा ये कि ड्राइवर को बार-बार रुककर टायर साफ करने की झंझट नहीं रहती. ये साधारण रबर पट्टियां चलते-चलते ही सफाई का काम संभाल लेती हैं.
यह भी पढ़ें: आखिर काले रंग के ही क्यों होते हैं टायर? कइयों को नहीं पता इसके पीछे की वजह
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अंकित आनंद
शॉर्ट बायो
अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.
काम के बारे में
अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.
उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई और करियर
बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.
विजन
अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










