Bihar Teacher Recruitment : कैबिनेट में नहीं आया प्रस्ताव, सोशल साइट पर ट्रोल हुए शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर

शिक्षक नियोजन के सातवें चरण की नियमावली शुक्रवार को कैबिनेट तक नहीं पहुंची. शिक्षामंत्री के बयान के बाद उम्मीद लगाये बैठे शिक्षक अभ्यर्थी का इंतजार अब और लंबा हो गया है. ऐसे में अभ्यर्थी लोग सोशल मीडिया पर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के सवाल पूछ रहे हैं.
पटना. शिक्षक नियोजन के सातवें चरण की नियमावली शुक्रवार को कैबिनेट तक नहीं पहुंची. शिक्षामंत्री के बयान के बाद उम्मीद लगाये बैठे शिक्षक अभ्यर्थी का इंतजार अब और लंबा हो गया है. ऐसे में अभ्यर्थी लोग सोशल मीडिया पर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के सवाल पूछ रहे हैं. पूछ रहे हैं कि आपके वादे का क्या हुआ? आपकी विश्वसनीयता का क्या हुआ. शुक्रवार को नीतीश कैबिनेट की बैठक खत्म होते ही सोशल साइटों में शिक्षामंत्री चंद्रशेखर तेजी से ट्रोल होने लगे.
दरअसल शिक्षक अभ्यर्थियों की नजरें 24 फरवरी को होने वाली कैबिनेट की बैठक पर टिकी हुई थी. पिछले कई महीनों से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की बातों पर शिक्षा विभाग में पिछले कुछ दिनों से हलचल दिखी थी. शिक्षक नियोजन को लेकर विभागीय पहल किये जाने की बात भी कही जा रही थी. शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर ने खुद मीडिया से बात करते हुए कहा था कि 24 फरवरी यानी आज कैबिनेट की बैठक में नियमावली का प्रस्ताव आ सकता है. शुक्रवार को जैसे ही कैबिनेट की बैठक खत्म हुई और जब यह खबर सामने आई कि कैबिनेट में नियमावली पेश नहीं हो पाई. ट्विटर पर अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ मानो एलान ए जंग कर दिया.
अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार बयानबाजी कर रही है. सरकार को रोजगार देने से कोई मतलब नहीं है. केवल बातों में उलझा कर रखना चाहती है. अभ्यर्थियों ने ट्वीट कर अपनी नाराजगी जताई है. लिखा है कि पिछले कुछ दिनों से शिक्षा मंत्री का नियमावली को लेकर ट्वीट पर ट्वीट करना. कैमरे पर आकर कैबिनेट में नियमावली को पेश होने की बात कह कर हमें भरोसा दिया गया था. सरकार बयानबाजी कर रही है. सरकार को रोजगार देने से कोई मतलब नहीं है. यह केवल बातों में उलझा कर रखना चाहती है.
एक यूजर ने लिखा माननीय शिक्षा मंत्री जी जनतंत्र में जनता मालिक होती है. यही रवैया रहा तो जनता भी आप लोगों को शून्य कर देगी. शिक्षक अभ्यर्थी भाई, बहनों के विश्वासों को आप ने तोड़ा है. इससे आप की विश्वसनीयता गिरी है सर. वहीं एक दूसरे ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि अंततः नियमावली के नाम पर शिक्षक अभ्यर्थी को मिला बाबा जी का ठुल्लू, घिन आती है, इतने गंदे राजनीति पर. जबकि एक यूजर ने तो शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर के ट्वीट पूर्णिया चलो के जवाब में ट्वीट करते हुए लिखा कि मत जाओ. जबकि एक और ट्विटर यूजर ने लिखा कि महागठबंधन सरकार ने एक बार फिर शिक्षक अभ्यर्थी को हमेशा की तरह धोखा दिया है.
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