बिहार में 24 हजार शिक्षकों पर मंडरा रहा संकट, जांच में खुल रही फर्जीवाड़े की पोल, अब जाएगी नौकरी

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 04 Nov 2024 8:55 AM

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Bihar Teacher News: बिहार में लगभग 24 हजार शिक्षकों की नौकरी खतरे में है. जांच के दौरान, उनके एक से अधिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए है. अब दूसरी बार फिर से एक जांच की जाएगी. इस दौरान भी यदि सर्टिफिकेट का रिकॉर्ड नहीं मिलता है, तो उनको बर्खास्त करने के बाद उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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Bihar Teacher News: बिहार में लगभग 4000 शिक्षकों की नौकरी जा सकती है. जांच के दौरान पता चला है कि 80% शिक्षकों का CTET में निर्धारित अंक से कम नंबर है. यानी CTET में इनलोगों का 60% से कम नंबर है. जबकि 20% शिक्षकों ने दिव्यांग, जाति, निवास, खेल सहित अन्य प्रमाण पत्र फर्जी बनवाए हैं. ऐसे में इन शिक्षकों के खिलाफ बिहार सरकार कार्रवाई की तैयारी कर रही है. इसके साथ ही फर्जी शिक्षकों से वेतन की भी वसूली की जाएगी,.

जानकारी के मुताबिक, बिहार में लगभग 24 हजार शिक्षकों की नौकरी खतरे में है. जांच के दौरान, उनके एक से अधिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए है. अब दूसरी बार फिर से एक जांच की जाएगी. इस दौरान भी यदि सर्टिफिकेट का रिकॉर्ड नहीं मिलता है, तो उनको बर्खास्त करने के बाद उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, सक्षमता परीक्षा पास अभ्यर्थियों के काउंसिलिंग की गई तो पहले चरण में ही 96 शिक्षकों की मार्कशीट फर्जी पाई गई थी. जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है.

तीन हजार से अधिक शिक्षक काउंसिलिंग में थे अनुपस्थित

सक्षमता परीक्षा पास 1.87 लाख अभ्यर्थियों का 1 अगस्त से 13 सितंबर तक काउंसलिंग हुई थी. इस दौरान 42 हजार शिक्षकों की कई कारणों से काउंसिलिंग नहीं हो पाई थी. जबकि 3 हजार से अधिक शिक्षक काउंसिलिंग में अनुपस्थित पाए गए थे. 42 हजार में 10 हजार से अधिक शिक्षकों का बॉयोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो सका था. हालांकि, जिन अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग नहीं हुई है, उनको छठ बाद फिर से एक मौका दिया जाएगा.

सीतामढ़ी में सात शिक्षकों का प्रमाण पत्र फर्जी

सीतामढ़ी में जांच के दौरान 7 नियोजित शिक्षक फर्जी पाए गए हैं. जिनके खिलाफ जालसाजी, सबूत को छुपाने सहित अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया है. 7 फर्जी शिक्षकों में 5 महिला शिक्षक हैं. जानकारी के मुताबिक, शिक्षकों की मार्कशीट जांच के दौरान संदिग्ध पाई गई थी.

इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उन्हें वास्तविक कागज सौंपने को कहा था, लेकिन कई रिमाइंडर के बाद भी उनलोगों ने कागजात नहीं सौंपा. इस दौरान शिक्षा विभाग की ओर से उनके प्रमाण पत्र की जांच की गई. इसमें कई शिक्षकों की मार्कशीट फर्जी पाई गई है. इसके साथ ही जाति और निवास प्रमाण पत्र भी गलत हैं.

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संदिग्ध प्रमाणपत्र का विवि से हो रहा सत्यापन

सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों की काउंसिलिंग सम्पन्न हो गई है. इसके बाद जिन शिक्षकों की मार्कशीट संदिग्ध पाई जा रही है. उनकी जांच संबंधित विश्वविद्यालयों से कराई जा रही है. इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा संबंधित विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक अधिकारियों को शिक्षकों की मार्कशीट भेजी गई है. इसके साथ ही उनके काम की डिटेल भी मांगी जा रही है. जिससे शिक्षकों द्वारा दिए गए अनुभव प्रमाण पत्र की भी जांच की जा सके.

ट्रांसफर-पोस्टिंग के बाद शिक्षकों का सत्यापन

बता दें कि, शिक्षकों के होने वाले ट्रांसफर-पोस्टिंग के बाद उनका सत्यापन होगा. इस दौरान शिक्षकों की मार्कशीट, फोटो, निवास, जाति प्रमाण पत्र, बॉयोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन आधारित आधार कार्ड का सत्यापन, थंब इम्प्रेशन की जांच की जाएगी. सभी रिकॉर्ड सर्विस बुक में दर्ज किए जाएंगे. डिजिटल सर्विस बुक बनने के बाद रिकार्ड ऑनलाइन कर दिए जाएंगे. ताकि शिक्षक जहां काम करेंगे, संबंधित अफसर तत्काल जांच कर सके.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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