बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी, घर पर सोलर पैनल लगवाने से पहले जान लें ये स्कीम, मिलेगी इतने हजार रुपये तक की सब्सिडी
सांकेतिक तस्वीर
Bihar Solar Panel Subsidy: बिहार में घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाना अब पहले से सस्ता हो सकता है. पीएम सूर्य घर योजना के तहत केंद्र की 78 हजार रुपये और राज्य की 20 हजार सब्सिडी मिलाकर 3 किलोवाट सोलर पर अधिकतम 98 हजार रुपये की मदद मिलेगी. इससे 2.10 लाख का खर्च घटकर करीब 1.12 लाख रह जाएगा.
Bihar Solar Panel Subsidy: बिहार में घरों का बिजली बिल कम करने के लिए सोलर पैनल लगाने पर जोर दिया जा रहा है. केंद्र की पीएम सूर्य घर योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी के साथ अब राज्य सरकार की ओर से भी आर्थिक मदद दी जा रही है. ऐसे में घर की छत पर सोलर पैनल लगवाना पहले के मुकाबले काफी सस्ता पड़ सकता है.
3 किलोवाट सोलर पर 98 हजार रुपये तक की सब्सिडी
अगर कोई व्यक्ति अपने घर पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाता है, तो उसे अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है.
इसमें केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी शामिल है. वहीं, राज्य सरकार की ओर से 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का ऐलान किया गया है.
2.10 लाख का खर्च घटकर 1.12 लाख रुपये
3 किलोवाट का सोलर पैनल लगाने में करीब 2.10 लाख रुपये का खर्च आता है. अगर लाभुक को पूरी 98 हजार रुपये की सब्सिडी मिल जाती है, तो उसका वास्तविक खर्च घटकर करीब 1.12 लाख रुपये रह जाएगा. यानी शुरुआत में किया गया निवेश कम हो जाएगा और आगे बिजली बिल में भी बड़ी बचत हो सकती है.
3 किलोवाट सोलर से 350 से 400 यूनिट बिजली
सोलर वेंडर्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों के मुताबिक 3 किलोवाट का सोलर पैनल एक महीने में करीब 350 से 400 यूनिट तक बिजली पैदा कर सकता है. इससे घर की बिजली जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा हो सकता है. नतीजा यह होगा कि हर महीने आने वाला बिजली बिल काफी कम हो जाएगा.
सब्सिडी के लिए कौन सा सोलर पैनल जरूरी?
योजना का लाभ लेने के लिए घर पर ऑन-ग्रिड सोलर पैनल लगवाना जरूरी है. ऑफ-ग्रिड सिस्टम पर सरकारी सब्सिडी का लाभ नहीं मिलता. हाइब्रिड सोलर सिस्टम पर भी सब्सिडी का प्रावधान है. हालांकि, इसकी लागत ज्यादा होती है.
ऑन-ग्रिड सोलर क्यों है फायदेमंद?
अधिकारियों के मुताबिक ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम में लोड को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं होती. सोलर सिस्टम और बिजली का मीटर आपस में संतुलन बनाकर काम करते हैं.
इससे घर की जरूरत के मुताबिक बिजली का इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, अतिरिक्त बिजली की स्थिति में भी सिस्टम के जरिए उसका हिसाब बिजली मीटर में होता है.
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हाइब्रिड सोलर में खर्च बढ़ जाता है
हाइब्रिड सोलर सिस्टम की कीमत ऑन-ग्रिड सिस्टम से ज्यादा होती है. इसमें बैटरी और इनवर्टर की लागत भी जुड़ जाती है.
ऐसे सिस्टम पर कुल खर्च 3 लाख रुपये से अधिक पहुंच सकता है. यही वजह है कि कम बजट में बिजली बिल घटाने के लिए ऑन-ग्रिड सिस्टम को ज्यादा किफायती विकल्प माना जा रहा है.
जिलों में लगातार हो रही मॉनिटरिंग
पीएम सूर्य घर योजना को तेजी से लागू करने के लिए बिहार के सभी जिलों में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. जिला पदाधिकारी योजना की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं.
बिजली विभाग, सोलर वेंडर्स और बैंक अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें भी हो रही हैं. अधिकारियों से हर दिन योजना की प्रगति की रिपोर्ट मांगी जा रही है. इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा घरों तक योजना का लाभ पहुंचाना है.
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