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Bihar News: 'विरोध प्रदर्शन किया तो सरकारी नौकरी नहीं', बिहार सरकार के इस आदेश पर सियासी तूफान, पढ़ें किसने क्या कहा

सोशल मीडिया (Social Media) पर किसी जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मी या अधिकारी पर गलत टिप्पणी करने पर कानूनी कार्रवाई का निर्देश देने वाली बिहार सरकार अब सख्ती की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गई है. और वे ये कि अगर आपने सरकार या फिर किसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम किया है और वहा किसी आपराधिक कृत्य में शामिल हुए हैं तो सरकारी नौकरी नहीं मिलगी.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
बिहार में सियासी तूफान खड़ा हो गया है.
बिहार में सियासी तूफान खड़ा हो गया है.
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Bihar News: सोशल मीडिया (Social Media) पर किसी जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मी या अधिकारी पर गलत टिप्पणी करने पर कानूनी कार्रवाई का निर्देश देने वाली बिहार सरकार (Bihar Govt) अब सख्ती की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गई है. और वे ये कि अगर आपने सरकार या फिर किसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम किया है और वहा किसी आपराधिक कृत्य में शामिल हुए हैं तो सरकारी नौकरी नहीं मिलगी.

सरकार (Bihar Govt) का ये आदेश सामने आने के बाद बिहार में सियासी तूफान खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर भी लोग इस आदेश के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish kumar) पर ही हमला बोल दिया. बिहार में सियासी तूफान से जुड़ी हर Latest News in Hindi से अपडेट रहने के लिए बने रहें हमारे साथ.

उन्होंने ट्वीट किया- मुसोलिनी और हिटलर को चुनौती दे रहे नीतीश कुमार कहते है अगर किसी ने सत्ता व्यवस्था के विरुद्ध धरना-प्रदर्शन कर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया तो आपको नौकरी नहीं मिलेगी. मतलब नौकरी भी नहीं देंगे और विरोध भी प्रकट नहीं करने देंगे. बेचारे 40 सीट के मुख्यमंत्री कितने डर रहे हैं.

वहीं राजद ने तेजस्वी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा- तानाशाही सीएम नीतीश कुमार को बिहार में सजग, जागरूक और मुखर नागरिक नहीं चाहिए, सिर्फ गुलाम कठपुतली चाहिए! न्यायालय को ऐसे मूल अधिकारों पर कुठाराघात करने वाले निर्देशों का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए!

कांग्रेस एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने सरकार के इस फैसले को अलोकतांत्रिक करार दिया है. कहा कि क्या बिहार में धरना प्रदर्शन करना अपराध हो गया है. ये नया पैटर्न बीते तीन चार साल से नीतीश कुमार ने शुरू किया है. गैर भाजपा गैर जदयू को लोगों पर बेकारण केस दर्ज किया जाता है. उन्होंने कहा कि सरकार ये याद रखे कि आप हमेशा सत्ता में नहीं रहेंगे. प्रदेश की जनता इस फैसले का जवाब जरूर देगी.

बता दें, पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति विधि-व्यवस्था की स्थिति,विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम इत्यादि मामलों में संलिप्त होकर किसी आपराधिक कृत्य में शामिल होता है और उसे इस कार्य के लिए पुलिस के द्वारा चार्जशीट किया जाता है तो उनके संबंध में पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट में विशिष्ट एवं स्पष्ट रूप से प्रविष्टि की जाय. ऐसे व्यक्तियों को गंभीर परिणामों के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि उनमें सरकारी नौकरी/सरकारी ठेके आदि नहीं मिल पायेंगे.'

क्या था सोशल मीडिया को लेकर आदेश

21 जनवरी को जारी हुए एक ऐसे ही पत्र पहले से ही सियासी हंगामा खड़ा कर रखा है. इसमें पुलिस विभाग की तरफ से साफ कर दिया गया कि सरकार के किसी मंत्री, सांसद, विधायक या सरकारी अफसर की छवि धूमिल के आरोप में पोस्ट लिखने वालों पर आइटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा.

आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैयर हसनैन खान ने इस बारे में सभी विभागों के प्रधान सचिव और सचिव को पत्र लिखा है. इसमें बताया गया है कि अगर आपके विभाग में इस तरह का मामला सामने आता है तो आर्थिक अपराध इकाई को इसकी विस्तृत सूचना दी जाए ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके.

Posted By: Utpal kant

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Published Date

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