डाटा और कॉल सेंटर का हब बनेगा बिहटा, 450 लोगों को मिलेगा रोजगार

Updated at : 12 Apr 2026 1:41 PM (IST)
विज्ञापन
Bihar News 2026 12 April 2026

उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल

Bihar News: पटना से सटे बिहटा का सिकंदरपुर इलाका अब बिहार का नया 'आईटी हब' बनने जा रहा है. सरकार ने 50 करोड़ से अधिक की लागत वाली एक मेगा यूनिट को मंजूरी दे दी है.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार के बिहटा में सिकंदरपुर में डाटा और कॉल सेंटर का हब विकसित किया जाएगा. करीब 50.75 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस यूनिट को मंजूरी मिल चुकी है.

इसके शुरू होने से 450 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे.

बिहटा के सिकंदरपुर में लगेगी हाई-टेक यूनिट

बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने राज्य में डिजिटल क्रांति की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाया है. संजीवनी मीडिया एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बिहटा के सिकंदरपुर में एक आधुनिक डाटा सेंटर और कॉल सेंटर यूनिट स्थापित की जा रही है.

प्रोजेक्ट स्वीकृति समिति ने इस 50.75 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है. बियाडा (BIADA) ने भी इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह यूनिट न केवल डाटा स्टोरेज का काम करेगी, बल्कि यहां से बड़े स्तर पर कॉल सेंटर का संचालन भी होगा.

फिल्म एडिटिंग के लिए अब नहीं जाना होगा मुंबई

यहां डाटा सेंटर के साथ-साथ फिल्म एडिटिंग और डिजिटल प्रोसेसिंग की वर्ल्ड क्लास सुविधाएं उपलब्ध होंगी. वर्तमान में बिहार के फिल्म निर्माताओं को अपनी फिल्मों की पोस्ट-प्रोडक्शन और एडिटिंग के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों का रुख करना पड़ता है, जिससे निर्माण लागत काफी बढ़ जाती है.

बिहटा में यह यूनिट शुरू होने से फिल्म उद्योग को संजीवनी मिलेगी. अब स्थानीय स्तर पर ही फिल्मों की एडिटिंग और प्रोसेसिंग संभव होगी, जिससे न केवल फिल्म मेकर्स का पैसा बचेगा बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा को भी ग्लोबल पहचान मिलने में आसानी होगी.

बिहार के इंजीनियरों को घर में ही मिलेगी नौकरी

राज्य के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल और विभाग के सचिव कुंदन कुमार के मुताबिक, इस यूनिट के शुरू होने से प्रत्यक्ष तौर पर 450 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा. यह उन छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों से आईटी, कंप्यूटर साइंस और एनिमेशन की पढ़ाई कर रहे हैं. अब उन्हें करियर की शुरुआत के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा.

बिहटा का यह सेंटर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ‘ब्रेन ड्रेन’ को रोकने में भी अहम भूमिका निभाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि बिहार को केवल लेदर और टेक्सटाइल ही नहीं, बल्कि आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी अग्रणी बनाया जाए.

Also Read: CM हाउस के बाहर लगा पोस्टर, लिखा- ‘बिहार में निशांते कुमार चाहिए’

विज्ञापन
Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन