Bihar news: भागलपुर में कृषि संबंधी 4343 जन शिकायतें निष्पादित, प्रमंडलीय आयुक्त ने दिये जांच के आदेश

Bihar news: प्रमंडलीय आयुक्त ने मंगलवार को कृषि से संबंधित योजनाओं व मामलों की समीक्षा की. जांच में कृषि पदाधिकारी ने बताया कि शत-प्रतिशत आवेदन निष्पादित कर दिये गये हैं. यह सुन प्रमंडलीय आयुक्त चौंक पड़े और जांच के आदेश दिए.
भागलपुर: प्रमंडलीय आयुक्त दया निधान पांडेय ने मंगलवार को कृषि से संबंधित योजनाओं व मामलों की समीक्षा की. भागलपुर व बांका जिले में कृषि विभाग से संबंधित जन शिकायत के 4343 आवेदन आये. दोनों जिले के कृषि पदाधिकारी ने बताया कि शत-प्रतिशत आवेदन निष्पादित कर दिये गये हैं. यह सुन प्रमंडलीय आयुक्त चौंक पड़े.
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि जन शिकायत के शत-प्रतिशत आवेदन का निष्पादन आदर्श स्थिति है. यह मुश्किल लग रहा है. उन्होंने क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी वारिश खान को भागलपुर और आयुक्त के सचिव अभय कुमार सिंह को बांका जिले के जनशिकायत से संबंधित मामलों की जांच करने का निर्देश दिया.
इस मामले को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान वह खुद जन शिकायत के मामलों की जांच करेंगे. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा में पिछली बैठक की तुलना में कृषि समन्वयक व सीओ के स्तर पर लंबित आवेदनों और अस्वीकृत आवेदनों की संख्या में कमी पायी गयी. उन्होंने कहा कि अस्वीकृत किये गये आवेदनों की सभी स्तर से जांच करायें. कृषि समन्वयक 25 प्रतिशत, सीओ 10, एडीएम पांच, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी 15, प्रखंड कृषि पदाधिकारी 25, जिला कृषि पदाधिकारी 10 प्रतिशत आवेदनों की जांच करेंगे. प्रमंडल में अब तक प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के तहत 7,50,669 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इसमें कृषि समन्वयक स्तर से 1,49,968, सीओ स्तर से 1,03, 287 और एडीएम स्तर पर 14,564 आवेदन अस्वीकृत किये गये हैं. एडीएम स्तर से इतने बड़े पैमाने पर आवेदनों के अस्वीकृत होने से यह स्पष्ट है कि निचले स्तर पर आवेदनों का सही तरीके से जांच नहीं हो रही है.
बारिश कम होने से इस बार प्रमंडल के दोनों जिलों में धान की रोपनी सिर्फ 36.10 प्रतिशत हुई है. भागलपुर में 42.96 और बांका में 32.48 प्रतिशत धान की रोपनी हुई. धान बीज वितरण में भागलपुर और बांका जिले का प्रदर्शन 100 प्रतिशत रहा. दोनों जिले के कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में उर्वरक की कोई समस्या नहीं है. कम रोपनी होने से उर्वरक की अधिक मांग नहीं है. उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार छापामारी की जा रही है. खरीफ में 324 उर्वरक दुकानों में छापेमारी की गयी, इसमें 18 दुकानों में अनियमितता मिली. एक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया. 15 दुकानदारों का लाइसेंस रद्द किया गया है. रबी में 234 छापेमारी में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी और 39 दुकानदारों की अनुज्ञप्ति रद्द की गयी है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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