सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण रहा है बिहार, बोले नीतीश कुमार- धर्म के नाम पर गड़बड़ी फैलाना ठीक नहीं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि धर्म के नाम पर गड़बड़ी फैलाना ठीक नहीं है. जो लोग पूजा करते हैं, वह गड़बड़ी कैसे कर सकते हैं. अगर कोई गड़बड़ी करता है, तो वह पूजा पाठ करने वाला व्यक्ति नहीं है. मेरा स्पष्ट मानना है कि धर्म में विवाद के लिए कोई स्थान नहीं है.
पटना. देश में जारी सांप्रदायिक हिंसा पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चिंता जतायी है. जनता दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि धर्म के नाम पर गड़बड़ी फैलाना ठीक नहीं है. जो लोग पूजा करते हैं, वह गड़बड़ी कैसे कर सकते हैं. अगर कोई गड़बड़ी करता है, तो वह पूजा पाठ करने वाला व्यक्ति नहीं है. मेरा स्पष्ट मानना है कि धर्म में विवाद के लिए कोई स्थान नहीं है.
नीतीश कुमार ने कहा कि धर्म में तालमेल का होना बेहद जरूरी है. विवाद के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए. बिहार इस मामले में उदाहरण रहा है. नीतीश कुमार ने कहा कि यहां सभी धर्मों को अपने अपने मुताबिक काम करने की इजाजत है. हमारा देश धर्मनिरपेक्ष और मजहबी आधार पर लोगों को यह अधिकार मिला हुआ है.
उनके मंत्रिमंडल के कुछ सहयोगियों के बयान को लेकर पूछे गये सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा कि अगर कोई ऐसा बयान देता है, तो मुझे बता दीजिए.. मैं सीधे फोन पर पूछ लूंगा. नीतीश कुमार ने कहा कि भूलवश कोई ऐसा बयान दे सकता है, लेकिन मैंने अपने सभी सहयोगियों को स्पष्ट कर रखा है कि कोई विवादित बयान ना दें.
इतना ही नहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि बिहार में इन सब बातों को हम जगह ही नहीं देते. बिहार में माहौल एकदम शांतिपूर्ण है. हम किसी को माहौल खराब करने की छूट नहीं देते हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि साल 2006 के पहले बिहार में क्या होता था, यह सबको मालूम है लेकिन आज ऐसी कोई भी घटना बिहार में नहीं होती है. नीतीश कुमार ने कहा कि आज जो लोग विपक्ष में बैठे हैं, वह भले ही सवाल कर लें लेकिन उनको भी मालूम है कि उनके शासन में रहते बिहार में क्या कुछ हुआ है.
प्रशांत किशोर और कांग्रेस की नजदीकियों को लेकर पूछे गये सवाल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. नीतीश कुमार ने कहा कि प्रशांत किशोर से उनके संबंध व्यक्तिगत रहे हैं. आज भी उनके रिश्ते हैं, लेकिन प्रशांत किशोर के राजनीतिक फैसलों को लेकर कोई बातचीत नहीं होती. पीके कहां जा रहे हैं यह उनकी मर्जी है. प्रशांत किशोर से उनके व्यक्तिगत रिश्ते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनके राजनीतिक फैसलों में मैं हस्तक्षेप करूं. नीतीश कुमार ने कहा कि प्रशांत किशोर कभी भाजपा के साथ काम किया करते थे, लेकिन आज कहां हैं सबको मालूम है.
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