बिहार में फर्जी शिक्षक हो रहे गिरफ्तार, यूपी से जाली डिग्री लाकर नौकरी कर रहे दर्जनों टीचर! नौकरी खतरे में

बिहार में फर्जी शिक्षकों पर शिकंजा शिक्षा विभाग कसता जा रहा है. उत्तर प्रदेश से जाली डिग्री लाकर नौकरी पाने वाले भी दर्जनों शिक्षकों की नौकरी खतरे में है. वहीं खगड़िया में एक फर्जी शिक्षक धराया है. जबकि भागलपुर में फर्जी शिक्षक पर केस दर्ज करने का आवेदन दिया गया है.
Bihar Teacher News: बिहार में फर्जी शिक्षकों की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है. खगड़िया में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से पहले फेज में नियुक्ति शिक्षकों का थंब इम्प्रेशन वेरिफिकेशन बुधवार को किया गया. वेरिफिकेशन में 22 अध्यापकों को बुलाया गया था. इसमें प्रतिनियुक्त अध्यापक के फोटो, बायोमेट्रिक की जांच की गयी. जिसमें फर्जी टीचर पकड़ा गया. मुजफ्फरपुर में दर्जनों शिक्षकों की नौकरी खतरे में है जबकि भागलपुर में पकड़ाए फर्जी शिक्षक पर केस दर्ज करने का आवेदन दिया गया है.
खगड़िया में बीपीएससी के जरिए नियुक्त हुए पहले फेज के शिक्षकों का वेरिफिकेशन वर्क चल रहा था. इस दौरान एक अध्यापक मिथुन कुमार, (पिता मोती मंडल, ग्राम बहतरा, राघोपुर, जिला भागलपुर) का ना तो फोटो मिला और ना ही बायोमेट्रिक थंब इम्प्रेशन मैच किया. थंब इम्प्रेशन नहीं मिलने पर फर्जी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया. शिक्षा विभाग के डीपीओ ने चित्रगुप्त नगर थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करायी है. मिथुन प्राथमिक विद्यालय पीपरपांती गोरियामी अलौली में नियुक्त था. मिथुन को चित्रगुप्त नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
इधर, मुजफ्फरपुर शहरी क्षेत्र के स्कूलों में फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे लगभग एक दर्जन शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गयी है. प्राथमिक से लेकर प्लस टू स्कूल तक में कार्यरत शिक्षकों की बहाली के बाद शिक्षा विभाग व निगम की तरफ से संबंधित बोर्ड व यूनिवर्सिटी को प्रस्तुत की गयी डिग्री को जांच के लिए भेजा गया था. इसमें से कई शिक्षकों की रिपोर्ट मिल गयी है. कई शिक्षकों की रिपोर्ट अभी पेंडिंग है. सभी की बहाली तीन से चार सालों के भीतर हुई है.
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इधर, यूपी के मेरठ सहित कई यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी डिग्री जमा कर नौकरी कर रहे शिक्षकों की रिपोर्ट मिलने के बाद नगर निगम की तरफ से विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है. सिकंदरपुर के एक उच्च विद्यालय में कार्यरत शिक्षक की रिपोर्ट मेरठ की एक यूनिवर्सिटी से भेजी गयी है. इसमें शिक्षक की उस डिग्री को फर्जी बताया गया है जिसे प्रस्तुत करके वो नौकरी कर रहे हैं. अब निगम उक्त शिक्षक से स्पष्टीकरण की मांग करेगा. फिर अब तक हुए भुगतान की वसूली के साथ बर्खास्तगी की कार्रवाई करेगा. हालांकि, स्पष्टीकरण से पहले ही नगर निगम ने उक्त शिक्षक को होने वाले वेतन भुगतान पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिख दिया है. बताया जाता है कि लगभग एक दर्जन शिक्षकों की डिग्री पर शिक्षा विभाग को शंका है. संदेह डिग्री वाले शिक्षक शहर के विभिन्न स्कूलों में तैनात हैं.
बता दें कि इससे पहले कई जिलों में थंब वेरिफिकेशन के दौरान फर्जी टीचर पकड़ में आ चुके हैं. बीते 10 जनवरी को भागलपुर में एक फर्जी BPSC शिक्षक पकड़ में आया था. जिसपर अब प्राथमिकी दर्ज करने के लिए गोपालपुर थाने में आवेदन दिया गया है. महिपाल राजकीय उच्च बुनियादी विद्यालय तिनटंगा करारी में ड्यूटी कर रहे फर्जी शिक्षक पर केस दर्जन करने का आवेदन दिया गया.
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By ThakurShaktilochan Sandilya
डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.
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