Bihar Cabinet: 53 साल बाद इंद्रपुरी जलाशय परियोजना को हरी झंडी, सोन नदी से इन जिलों को मिलेगा ढाई गुना अधिक पानी

Indrapuri reservoir project gets green signal after 53 years
Bihar Cabinet: सोन नदी के पानी पर चला आ रहा पांच दशक का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया. बिहार और झारखंड के बीच जल बंटवारे पर सहमति के साथ इंद्रपुरी जलाशय परियोजना को मंजूरी मिलते ही बिहार के सिंचाई और विकास की तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है.
Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बिहार की बहुप्रतीक्षित इंद्रपुरी जलाशय परियोजना को हरी झंडी मिल गई. 53 वर्षों से अटकी इस परियोजना के लिए बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है.
इसके तहत बिहार को 5.75 मिलियन एकड़ फीट और झारखंड को दो मिलियन एकड़ फीट पानी मिलेगा. इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही राज्य में सिंचाई, बिजली, शिक्षा और लॉजिस्टिक ढांचे से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है.
सोन के पानी पर बनी सहमति
अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि वर्ष 1973 में बाणसागर समझौते के तहत अविभाजित बिहार को 7.75 मिलियन एकड़ फीट पानी का आवंटन हुआ था. वर्ष 2000 में राज्य विभाजन के बाद झारखंड द्वारा जल बंटवारे की मांग उठाई जाती रही, जिससे इंद्रपुरी परियोजना वर्षों तक अटकी रही. 10 जुलाई 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में दोनों राज्यों के बीच सहमति बनी और अब कैबिनेट ने इसे अंतिम रूप दे दिया है.
आठ जिलों को मिलेगा सिंचाई का वरदान
इस परियोजना के लागू होने से भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, पटना, गया और अरवल जिलों में बड़े पैमाने पर सिंचाई सुविधा विकसित होगी. कृषि पर निर्भर इन इलाकों में पानी की उपलब्धता बढ़ने से उत्पादन में इजाफा होगा और किसानों की आमदनी में स्थायी सुधार की उम्मीद है.
पटना में भूमिगत केबलिंग से बदलेगी बिजली व्यवस्था
कैबिनेट ने पटना शहर के 13 प्रमंडलों में भूमिगत केबलिंग के लिए 653 करोड़ रुपये की नई योजना को मंजूरी दी है. इससे राजधानी की बिजली व्यवस्था अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और आधुनिक बनेगी. साथ ही दानापुर, खगौल, गुलजारबाग और कंकड़बाग-2 जैसे क्षेत्रों में रीयल टाइम निगरानी और नियंत्रण प्रणाली भी स्थापित की जाएगी, जिससे फॉल्ट और कटौती पर तुरंत नियंत्रण संभव होगा.
दरभंगा एयरपोर्ट के पास बनेगा लॉजिस्टिक हब
दरभंगा हवाई अड्डा के समीप लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के निर्माण के लिए 50.0004 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है।.इसके लिए लगभग 138.82 करोड़ रुपये मुआवजा राशि स्वीकृत हुई है. इससे मिथिला और उत्तर बिहार के कृषि और कृषि आधारित उत्पादों को एयर कार्गो के जरिए देश-विदेश तक पहुंचाने में बड़ी सुविधा मिलेगी.
शिक्षा और बिजली ढांचे को भी मजबूती
कैबिनेट ने पीएम श्री योजना के तहत राज्य के 789 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 14.85 अरब रुपये की मंजूरी दी है. इससे स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक लैब और लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी. इसके अलावा गया जिले के चंदौती में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने के लिए 33.29 करोड़ रुपये की लागत से ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण को भी स्वीकृति मिली है.
एक बैठक, कई बड़े फैसले
कुल 41 प्रस्तावों को मंजूरी देने वाली यह कैबिनेट बैठक बिहार के लिए विकास का नया अध्याय खोलने वाली मानी जा रही है. इंद्रपुरी जलाशय परियोजना जहां कृषि और सिंचाई की तस्वीर बदलेगी, वहीं बिजली, शिक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़े फैसले राज्य की बुनियादी संरचना को मजबूत आधार देंगे.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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