बिहार के यातायात नियमों में होगा बड़ा बदलाव, जानें परिवहन विभाग क्या बना रहा है प्रस्ताव

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परिवहन विभाग प्रस्ताव तैयार करने से पूर्व जिलों से गाड़ियों की संख्या, किन सड़कों पर कितनी गाड़ियां चल रही है. इसका पूरा ब्योरा जिलों से मांगा है. रिपोर्ट आने के बाद नियमों में बदलाव किए जायेंगे. परिवहन विभाग छोटी-बड़ी गाड़ियों के आवागमन को लेकर अगले तीन माह में यातायात नियमों में बदलाव करेगी
प्रह्लाद कुमार, पटना. राज्य सरकार के निर्देश पर परिवहन विभाग छोटी-बड़ी गाड़ियों के आवागमन को लेकर अगले तीन माह में यातायात नियमों में बदलाव करेगी, इसको लेकर विभाग के स्तर पर प्रस्ताव तैयार होगा, ताकि सभी शहरों को जाम से मुक्त कराया जा सकें. परिवहन विभाग प्रस्ताव तैयार करने से पूर्व जिलों से गाड़ियों की संख्या, किन सड़कों पर कितनी गाड़ियां चल रही है. इसका पूरा ब्योरा जिलों से मांगा है. रिपोर्ट आने के बाद नियमों में बदलाव किए जायेंगे.
शहरों में रात-दिन कभी भी चली आती है बड़ी गाड़ियां
राज्य भर में यातायात नियमों की अनदेखी कर रात-दिन कभी भी बड़ी गाड़ियां चली आती है. इस कारण से शहरों में जाम की स्थिति बन जाती है. पटना सहित सभी बड़े जिलों में देर रात नो इ्रट्री में छूट मिलती है, लेकिन कुछ समय के लिए और कुछ क्षेत्र के लिए. बावजूद इसके बड़ी गाड़ियां नियमों का उल्लंघन करते हुए किसी भी इलाके में कभी भी चली जाती है. क्योंकि यातायात नियमों की समीक्षा में नये बदलाव नहीं किये गये है. इस कारण से पुरानी परंपरा से शहरों के भीतर गाड़ियां आती है.
ऐसे बढ़ रही है हर साल राज्य में गाड़ियों की संख्या
बिहार में 2015-16 में कुल सात लाख चार हजार, 2016-17 में साल लाख 64 हजार, 2017-18 में 11 लाख 18 हजार गाड़ी, 2018-19 में 11 लाख 89 हजार गाड़ी, 2019-20 में 13 लाख 50 हजार गाड़ी, 2020-21 में नौ लाख नौ हजार व 2021-22 में नौ लाख 998 हजार और 2022-23 में नौ लाख 31 हजार से अधिक गाड़ियों का निबंधन हुआ है.
दूसरे राज्यों में जाकर परिवहन अधिकारी जाम से मुक्ति के लिए तैयार करेंगे रिपोर्ट
बिहार में जाम से मुक्ति के लिए परिवहन विभाग या यातायात पुलिस के पास को रूट प्लान नहीं है. विभागीय स्तर पर रूट प्लान बनाकर छोटी-बड़ी गाड़ियों के रूट में बदलाव करने के लिए तैयारी शुरू हो गयी है. वहीं, विभाग परिवहन के अधिकारी दूसरे राज्यों जाम से मुक्ति के लिए रिपोर्ट तैयार करने जायेंगे.गोरखपुर, हैदराबाद, कटक, बैंगलोर जैसे शहरों में रूट प्लान रहने से जाम की स्थिति कम है.
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हाल में ही बदले हैं सवारी ढोने वाले वाहनों के लिए नियम
बिहार सरकार ने पिछले माह ही बस-ऑटो जैसे सार्वजनिक यात्री वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस ( VLTD) लगाना अनिवार्य कर दिया गया था. उसमें कहा गया था कि बिना वीएलटीडी के यात्री वाहनों को परमिट जारी नहीं किया जाएगा. अगर वीएलटीडी लगाने के बाद वह सक्रिय नहीं है, तो भी ऐसे वाहनों का परमिट स्थगित कर दिया जाएगा. राज्य परिवहन प्राधिकार की हुई बैठक में सभी परमिट के आवेदनकर्ताओं को यह निर्देश दिया गया था. वीएलटीडी सक्रिय नहीं रहने वाले वाहनों का परमिट तत्काल स्थगित करते हुए 15 दिनों के अंदर वाहन में वीएलटीडी स्थापित करने और उसका साक्ष्य समर्पित करने का निर्देश दिया गया.
रद्द हो सकता है परमिट
परिवहन सचिव ने कहा कि अनुपालन न करने पर परमिट रद्द किया जाएगा. बैठक में निर्देश दिया गया कि 15 वर्ष से अधिक आयु के पुराने बसों का पटना नगर निगम, दानापुर नगर परिषद्, फुलवारी शरीफ नगर परिषद् गया एवं मुजफ्फरपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र में परिचालन नहीं किया जाएगा.
ऐसे वाहनों पर लगेगा जुर्माना
बैठक में अंतर्क्षेत्रीय मार्ग के तहत परमिट के लिए आए आवेदन पर सुनवाई की गई थी. रूट डायवर्ट कर बस का परिचालन, बिना परमिट अवैध परिचालन, प्रदूषण, बीमा और फिटनेस फेल वाहनों पर जुर्माना लगाया गया था. निर्देश दिया गया था कि परमिटधारी वाहन द्वारा परमिट में उल्लेखित मार्ग के आरंभ एवं गंतव्य स्थल तक परिचालन किया जाना अनिवार्य होगा. परमिट में अंकित आरंभ एवं गतंव्य स्थल तक परिचालन नहीं करना परमिट की शर्तों का उल्लंघन है। स्टेज कैरेज (यात्री बस) परमिट प्राप्त वाहनों का परिचालन स्कूल बस के रूप में करने पर कार्रवाई की जाएगी।
ये काम कराना भी अनिवार्य
बसों पर परमिटधारी का नाम, परमिट संख्या लिखना अनिवार्यराज्य परिवहन प्राधिकार की बैठक में आए आवेदकों को निर्देश दिया गया था कि बसों पर परमिटधारी का नाम, पता, परमिट संख्या, परमिट की वैधता, इत्यादि अंकित करना अनिवार्य किया गया है. इसके साथ ही मार्ग संख्या, प्रारंभ एवं गंतव्य स्थल के साथ बस के चालक एवं कंडक्टर का नाम और मोबाइल नंबर भी लिखना आवश्यक है. ऐसा नहीं किए जाने पर राज्य परिवहन प्राधिकार द्वारा बस का परमिट निलंबित या रद करने की कार्रवाई की जाएगी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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