दो पक्षों में मारपीट में चार जख्मी
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :14 Jun 2015 8:54 AM
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आरा : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में पिछले कई माह से शिक्षकेतर कर्मचारी अपने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर है. कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण विश्वविद्यालय के एकेडमिक कैलेंडर पिछड़ रहा है. वहीं विश्वविद्यालय के कई परीक्षाएं हड़ताल के कारण बाधित है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकेतर कर्मचारियों के हड़ताल को समाप्त कराने […]
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आरा : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में पिछले कई माह से शिक्षकेतर कर्मचारी अपने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर है. कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण विश्वविद्यालय के एकेडमिक कैलेंडर पिछड़ रहा है. वहीं विश्वविद्यालय के कई परीक्षाएं हड़ताल के कारण बाधित है.
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकेतर कर्मचारियों के हड़ताल को समाप्त कराने को लेकर शनिवार को कर्मचारी नेताओं के शिष्टमंडल के साथ वार्ता की. विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ प्रो अजहर हुसैन और प्रतिकुलपति डॉ प्रो लीलाचंद साहा के साथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव, वित्त पदाधिकारी, वित्तीय परामर्शी, डीन सहित कई पदाधिकारियों की मौजूदगी में शिक्षकेतर कर्मचारी नेताओं के शिष्टमंडल के सदस्य चितरंजन सिंह, धर्मराज ठाकुर के साथ-साथ कई और कर्मी उपस्थित थे. हड़ताल समाप्ति और कर्मियों के मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारी नेताओं के बीच घंटों वार्ता चली, लेकिन वार्ता का कुछ निष्कर्ष नहीं निकला.
ऐसे में हड़ताल समाप्ति को लेकर सोमवार को एक बार फिर कर्मचारी नेताओं के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन वार्ता करेगी. इधर बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष चितरंजन प्रसाद सिंह और प्रक्षेत्रिय मंत्री धर्मराज ठाकुर ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही है. इसके बाद संघ ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है.
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ संघ की वार्ता हुई. सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी, लेकिन निष्कर्ष कुछ नहीं निकला. यही कारण है कि हड़ताल जारी रहेगा. वार्ता के दौरान संघ द्वारा बहुत कुरितियों को उजागर किया गया. संघ के नेताओं ने कहा कि इसके पूर्व में भी समझौता हुआ था जो करीब आठ माह हो गया, लेकिन आज तक उसका क्रियान्वयन नहीं किया गया.
आठ माह में सिर्फ दो कॉलेजों का सेवा संपुष्टि हुआ है बाकी 15 कॉलेजों का कोई अता-पता नहीं है. वरीयता सूची जो प्रकाशित किया गया है उसमें भी विभिन्न प्रकार की त्रुटियां है. राज्य सरकार का जब तक पत्र का पालन नहीं होगा हड़ताल जारी रहेगा.
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