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आठ अरब 42 करोड़ 14 लाख का बजट हुआ पेश

Updated at : 01 Mar 2019 7:11 AM (IST)
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आठ अरब 42 करोड़ 14 लाख का बजट हुआ पेश

आरा : वीर कुंवर सिंह विवि में वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट पर सिनेट की मुहर गुरूवार को लग गयी. विवि के उच्च सदन में सदस्यों के हो-हल्ले व हंगामें के बीच 8 अरब 40 करोड़ 40 लाख 13 हजार 104 रूपये की घाटे की बजट राज्य सरकार के पास भेजने के लिये सहमति बनी. […]

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आरा : वीर कुंवर सिंह विवि में वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट पर सिनेट की मुहर गुरूवार को लग गयी. विवि के उच्च सदन में सदस्यों के हो-हल्ले व हंगामें के बीच 8 अरब 40 करोड़ 40 लाख 13 हजार 104 रूपये की घाटे की बजट राज्य सरकार के पास भेजने के लिये सहमति बनी. सदन में 8 अरब 42 करोड़ 14 लाख 70 हजार 977 रूपये का बजट विवि प्रशासन की ओर से पेश किया गया.
इसमें 3 करोड़ 49 लाख 57 हजार 873 रूपये विवि की ओर से आंतरिक स्त्रोत से आमदनी होने का ब्योरा प्रस्तुत किया गया. आतंरिक स्त्रोत से प्राप्त राशि को मूल बजट से घटाने के बाद 8 अरब 40 करोड़ 40 लाख 13 हजार 104 रूपये की आवश्यकता पड़ेगी. घाटे की इस राशि के लिये सीनेट से मुहर लगने के बाद राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जायेगा. हालांकि बजट में कई तरह की त्रुटियों का उजागर सदस्यों ने किया. त्रुटियों को दूर करने के बाद ही बजट को राज्य सरकार के पास भेजने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया.
छात्रों पर हुई प्राथमिकी को वापस लेने पर उठाया गया सवाल : सीनेट की बैठक में सभी सदस्यों ने एक सूर में छात्र संघ अध्यक्ष सहित अन्य सात छात्रों पर किये गये प्राथमिकी को वापस लेने का सवाल उठाया.जिस पर उच्च सदन में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्राथमिकी वापस लिया जायेगा. सदन मौजूद सभी सदस्यों ने इस पर अपनी हामी भरी.
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों ने जताया विरोध : कर्मचारी संघ अध्यक्ष चितरंजन सिंह ने बजट पर प्रतिरोध जताते हुये कहा कि यदि विवि प्रशासन द्वारा बजट की त्रुटियों में सुधार नहीं किया जायेगा तो हमलोग धरने पर जाने के लिये विवश होंगे. राजेश कुमार, अमरेंद्र कुमार व संतोष कुमार ने कहा कि त्रुटियों मे सुधार नहीं होगा तो राजभवन तक आवाज उठाया जायेगा.
चार जिलों में से एक भी महिलाओं ने क्यों नहीं किया नोमिनेशन, विचार करें विवि : महिला कॉलेज की प्राचार्या डॉ. आभा सिंह ने कहा कि चार जिलों में से एक भी महिलाओं ने क्यों नहीं नोमिनेशन कराया है?
इस पर विवि प्रशासन को सोचने की जरूरत है. शिक्षा के मंदिर में आज भी महिलाओं की स्थिति अनुकूल नहीं है. विवि द्वारा जो भी कमेटियां बनायी जाती है उसमें महिलाओं को बराबर का स्थान क्यों नहीं दिया जाता है? महिलाओं को सुरक्षा गारंटी क्यों नहीं दिया जा रहा है? महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व कराने का मौका दिया जाये.
लाठीचार्ज की घटना पर कुलपति व डीएसडब्लू ने मांगी माफी : पुलिस बल के जवानों द्वारा छात्रों पर लाठी चटकाये जाने पर आक्रोशित छात्रों ने जमकर हंगामा मचाया. लाठीचार्ज की घटना की जानकारी मिलती है कुलपति प्रो. नंदकिशोर साह व डीएसडब्लू डॉ. केके सिंह ने सभी छात्र संगठनों से माफी मांगी. डीएसडब्लू ने कहा कि हमें खेद है कि छात्रों पर दुबारा लाठी चटकायी गयी.
विवि के इतिहास में पहली बार कुलपति ने किया मतदान : विवि के इतिहास में पहली बार वीकेएसयू के कुलपति ने सिंडिकेट व वित्त समिति के चुनाव में अपना वोट डाला. इस बात को लेकर विवि के विज्ञान भवन के गलियारों में काफी चर्चा रहा. किसी ने इस निर्णय को सही बताया तो किसी ने गलत.
पुलिस छावनी में तब्दील रहा विवि प्रशासन : सिनेट की बैठक, सिंडिकेट व वित्त समिति के चुनाव को लेकर पूरा विवि परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा. सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जिम्मेवारी सीऐट के जवानों को दी गयी थी. प्रशासन द्वारा महिला पुलिस जवानों की भी तैनाती की गयी थी. किसी भी घटना से निपटने के लिये वज्र वाहन की भी तैनाती की गयी थी.
सिंडिकेट व वित्त समिति चुनाव के लिए डाले गये वोट : सिंडिकेट चुनाव के लिये कुल आठ पदों पर शिक्षक वर्ग से 27 लोगों में मतदान का प्रयोग किया. वहीं गैर शिक्षक की तरफ से 28 में से 20 लोगों ने अपने-अपने मत का प्रयोग किया. वित्त समिति के चार पदों के लिये 51 मतदाताओं में से 41 मतदाताओं ने अपने-अपने वोट का इस्तेमाल किया. चुनाव को लेकर विज्ञान भवन में काफी गहमागहमी रही.
बूथ संख्या एक पर शिक्षक श्रेणी, बूथ संख्या दो पर गैर-शिक्षक श्रेणी व बूथ संख्या तीन पर वित्त समिति का चुनाव कराया गया. सिनेट की बैठक का विरोध कर रहे छात्र नेताओं पर पुलिस ने जमकर चटकाई लाठियां, कई छात्र हिरासत में विरोध कर रहे छात्र संगठन आइसा, छात्र राजद, अभाविप, एनएसयूआइ के नेता कर रहे थे विरोध व प्रदर्शन बैठक को लेकर प्रशासन था अलर्ट, पूरे कैंपस में 107 तथा निषेधज्ञा था लागू
पूर्व में सीनेट की बैठक को लेकर छात्रों ने किया था हंगामा : आरा. वीर कुंवर सिंह विवि परिसर में गुरुवार को सिनेट की बैठक काफी गहमागहमी के बीच संपन्न हुई्. सिनेट की बैठक को लेकर विरोध कर रहे छात्र नेताओं पर पुलिस को हल्की लाठियां भी चटकानी पड़ी. जबकि छात्र संगठन के नेता अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन और हंगामा करते रहे. पुलिस को ऐहतियात की तौर पर छात्र नेताओं को लाठी चार्ज कर हिरासत में लेना पड़ा.
बाद में उन्हें मुचलका भरकर छोड़ दिया गया. बतादे कि इस मामले में लगभग सैकड़ों छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है. बतादें कि 23 जनवरी को सिनेट की बैठक थी. बैठक में छात्र संगठन के नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर जमकर तांडव मचाया था. बवाल के बाद सिनेट की बैठक रद्द कर दी गयी थी. आगामी बैठक को लेकर पुलिस ने पहले से ही धारा 107 तथा निषेधज्ञा लागू कर दिया था. सीनेट की बैठक गुरुवार को जैसे ही शुरू हुई.
आइसा के छात्र नेताओं ने इसका विरोध करते हुए विवि परिसर का मुख्य द्वार तोड़ कर अंदर घुस गये जिसके बाद पुलिस को लाठियां चटकानी पड़ी. इस दौरान एनएसयूआइ के कार्यकर्ताओं को शहीद भवन के समीप से ही गिरफ्तार कर लिया गया. जबकि पूरे विवि परिसर में धारा 144 लागू था. उसके बावजूद भी छात्र नेताओं ने जमकर तांडव मचाया.
गुटबाजी पर लगायी जाये अंकुश : पूर्व सभापति
पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि विवि द्वारा किसी भी कार्य को पूरा करने के लिये आश्वासन दिया जाता है. आश्वासन की एक अवधि होनी चाहिये, उस आश्वासन को 90 दिन में पूरा किया जाये. विवि में पढ़ाई का वातावरण दिन-प्रतिदिन कम होता ही जा रहा है.
छात्रों द्वारा गुटबाजी की जा रही है इस पर अकुंश लगाने की जरूरत है. सिनेट की बैठक में प्रो. देववंश सिंह ने सवाल उठाते हुये कहा कि सत्र 2018-19 के कार्य योजना का प्रतिवेदन तक उपलब्ध नहीं कराया गया. क्या-क्या कार्य हुआ है इसका अता पता तक नहीं है. विवि व महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन की उपलब्धि तक जिक्र नहीं किया गया है.
अंगीभूत व संबंध महाविद्यालयों के बारें में अभिभाषण में कोई उल्लेख नहीं है.एनसीटी के द्वारा बीएड विभाग की मान्यता रद्द किये जाने के बाद विवि प्रशासन द्वारा क्या कार्रवाई की गयी. कॉलेज के अस्थाई संबंधन व दीर्धीकरण पर क्या निर्णय लिया गया है. इन सारी बातों का कोई जिक्र नहीं हुआ है.
प्रो. आलोक जैन ने कहा कि वीर कुंवर सिंह विवि परिसर में हर प्रसाद दास जैन की चेयर की स्थापना, रेल आरक्षण के लिये रेल मंत्रालय के पास पत्र लिखे जाने तथा विवि में मॉस कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू करने की बातों को रखा. भोजपुरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर पांडेय ने सवाल उठाते हुये कहा कि सिनेट की बैठक साल में दो बार कराने की बात हर बार सिनेट में उठायी जाती है लेकिन आज तक इस पर अमलीजामा नहीं पहनाया गया है. प्रो. अलाउद्दीन ने रोहतास महिला कॉलेज के नामकरण में बदलाव करने की बातों को रखा. उन्होंने कॉलेज का नाम हाजी बेगम करने की बात कही.
छात्रों की मांगों पर बोले कुलपति
आइसा, छात्र राजद व अभाविप के कार्यकर्ताओं द्वारा दिये गये मांग पत्र को पढ़कर कुलपति ने उनकी मांगों पर क्या-क्या विचार किया गया है. उससे अवगत कराया.आइसा नेताओं के साथ प्रदर्शन स्थल पर ही वार्ता के क्रम में कुलपति कहा कि बीएड कॉलेजों की मनमानी पर तत्काल रोक लगाया जायेगा.
जुलाई तक सभी सत्रों को नियमित करने, प्री-पीएचडी की परीक्षा मार्च के तीसरे सप्ताह में कराने, पीजी के नामांकन कूपन का मूल्य 100 रुपये करने, एलएलएम की पढ़ाई जल्द शुरू करने, पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला की उचित व्यवस्था करने की गारंटी करने का आश्वासन कुलपति ने दिया. वहीं छात्र राजद के कार्यकर्ताओं के 10 सूत्री मांगों पर भी कुलपति ने अपनी हामी भरी. अभाविप के कार्यकर्ताओं द्वारा छात्रों की गिरफ्तरी पर सवाल उठाने पर डीएसडब्लू डॉ. केके सिंह ने कहा छात्रों की प्राथमिकी वापस ली जायेगी.
सुझाव को रद्दी में फेंकने की कोशिश न की जाये : पूर्व कुलपति
सिनेट की बैठक में सदस्यों द्वारा दिये गये सुझाव को रद्दी की टोकरी में फेकने का कार्य नहीं किया जाये. उक्त बातें पूर्व कुलपति डॉ.आइसी कुमार ने कही. उन्होंने कहा कि 17 सिनेट की बैठकों मैं देख चुका है तथा खुद तीन सिनेट की बैठक का आयोजन करा चुका हूं.
विवि नैक से ए प्लस ग्रेड कराने का सपना देख रहा है लेकिन दुभार्ग्य की बात है कि विवि अपनी जमीन की रक्षा करने में ही सक्षम नहीं है. लगभग 21 एकड़ में फैला हुआ जैन कॉलेज का जमीन इसी तरह से पड़ा हुआ है. 70 प्रतिशत जमीन खाली पड़ी हुई है. उस पर अभी तक ब्राउंड्री नहीं कराया गया है. बिना मान्यता के ही विवि में कई विषयों की पढ़ाई करायी जा रही है. शिक्षकों के पद तक सृजन नहीं है. इन बिंदुओं पर फोक्स करने की जरूरत है. (
एक घंटे विलंब से शुरू हुआ उच्च सदन
सिनेट की बैठक की कार्रवाई एक घंटे विलंब से शुरू हुई. बैठक की शुरूआत वीर बाकुंडे बाबू कुंवर सिंह की प्रतिमा पर मल्यार्पण कर शुरू किया गया. जिसके बाद छात्राओं ने कुलगीत प्रस्तुत किया. बैठक की शुरूआत होते ही अभाविप, आइसा व छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा मचाया. जिसके बाद पुलिस बल के जवानों को कुछ समय के लाठी भी चटकानी पड़ी.
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