सीएम के कार्यक्रम में शामिल होने से बदली फिजां

Published at :24 Apr 2018 4:22 AM (IST)
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सीएम के कार्यक्रम में शामिल होने से बदली फिजां

आरा/जगदीशपुर : वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव का आगाज शिवपुर घाट से हुआ. शोभायात्रा शिवपुर घाट से निकली और कुंवर सिंह की नगरी पहुंची, जहां मुख्यमंत्री ने शोभायात्रा का स्वागत किया. शिवपुर घाट से शोभायात्रा के रूप में निकली कुंवर सेना को देखने के लिए जहां लोग उमड़ पड़े थे. वहीं वीर बांकुड़े की वीर गाथा […]

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आरा/जगदीशपुर : वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव का आगाज शिवपुर घाट से हुआ. शोभायात्रा शिवपुर घाट से निकली और कुंवर सिंह की नगरी पहुंची, जहां मुख्यमंत्री ने शोभायात्रा का स्वागत किया. शिवपुर घाट से शोभायात्रा के रूप में निकली कुंवर सेना को देखने के लिए जहां लोग उमड़ पड़े थे. वहीं वीर बांकुड़े की वीर गाथा पूरे इलाके में गूंज रही थी. तीन दिवसीय समारोह में मुख्यमंत्री के शामिल होने पूरी फिजा बदली हुई थी. चारों तरफ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे. जगदीशपुर किला परिसर से लेकर मुख्य समारोह स्थल दुलौर तक लोगों का रेला लगा हुआ था. मुख्यमंत्री ने किला परिसर में कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.

यहां नगर पंचायत के अध्यक्ष मुकेश कुमार गुड्डू ने भी माल्यार्पण किया. तीन दिवसीय वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव का मुख्य समारोह स्थल दुलौर में दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 160 वर्ष पहले उनके द्वारा देश भक्ति की लगायी गयी चिनगारी के कारण लोगों को आजादी का सूत्र मिला. इसके बाद ही भारत आजाद हुआ. वीर कुंवर सिंह को भूमिका अविस्मरणीय है. इनकी भूमिका को सभी को जानना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आरा हाउस सहित जिले तथा अन्य जगहों पर इनसे जुड़ी किसी भी स्मृति को विकसित किया जायेगा. इसके लिए आज शिलान्यास किया गया. इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार आरके सिंह, कला एवं संस्कृति मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह, पूर्व मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा,मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, कला एवं संस्कृति विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, पर्यटन विभाग के सचिव पंकज कुमार, पूर्व विधायक भाई दिनेश, विधान पार्षद राधा चरण सेठ,

विधायक राम विशुन सिंह लोहिया, एसपी अवकाश कुमार, डीडीसी शशांक शुभंकर, एडीएम सुरेंद्र प्रसाद, सदर अनुमंडल पदाधिकारी अरुण प्रकाश, जगदीशपुर अनुमंडल पदाधिकारी पंकज कुमार, एएसपी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी प्रमोद कुमार स भाजपा जिलाध्यक्ष मिथिलेश कुशवाहा, जदयू जिलाध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा आदि उपस्थित थे. स्वागत जिलाधिकारी संजीव कुमार तथा संचालन प्रो रणविजय कुमार ने किया.

प्रकाशित की जायेगी पुस्तक : उन्होंने कहा कि जगदीशपुर में आयोजित विजयोत्सव तथा पटना में 25 अप्रैल को पूरे देश के बुलाये गये विद्वानों की गोष्ठी में उभरे विचारों के आधार पर वीर बांकुड़ा कुंवर सिंह के बारे में एक नयी तरह से पुस्तक का प्रकाशन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इतिहास को तोड़- मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है. इसे ठीक किया जायेगा तथा वीर कुंवर सिंह के देश के लिए किये गये त्याग व बलिदान को सही रूप में प्रस्तुत किया जायेगा.
2300 किलोमीटर की तय की थी दूरी : मुख्यमंत्री ने वीर बांकुड़ा बाबू कुंवर सिंह के देश भक्ति की जज्बा की चर्चा करते हुए कहा कि जगदीशपुर से आजमगढ़ तक लोगों को जगाने तथा अंग्रेजों को जगह- जगह परास्त करने के लिए 2300 किलोमीटर की दूरी 160 वर्ष पूर्व तय किये थे. यह आंकड़ा अभी सड़क मार्ग के आधार पर तय किया गया है, जबकि उस समय सड़क नहीं था. बाबू साहब गांव- गांव होते हुए तथा लोगों में जागरूकता पैदा करते हुए गये थे. इसके अनुसार यह दूरी तीन गुना से कम नहीं होगी. उन्होंने कहा कि उनके त्याग की यह पराकाष्ठा है.
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों ने सबसे अहम भूमिका थी बाबू कुंवर सिंह की : श्री कुमार ने कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों में वीर बांकुड़ा कुंवर सिंह की सबसे अहम भूमिका थी. उन्होंने सभी को इकट्ठा कर संघर्ष करने का प्रयास किया था. इसके लिए वे उत्तर प्रदेश तक गये थे. इस दौरान उन्होंने कई जगह अंग्रेजी सेना से संघर्ष भी किया था. उन्होंने कहा कि यह तीन दिन का महज सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है. बल्कि देश को वीर बांकुड़ा कुंवर सिंह और बिहार की आजादी की लड़ाई में भूमिका को बताने का कार्यक्रम है.
सभी को साथ लेकर चलने की उनमें अद्भूत कला थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर कुंवर सिंह ने सभी को साथ लेकर चलने की अद्भूत कला थी. उनकी सेना में समाज के सभी वर्ग के लोग शामिल थे.समाज में उनकी काफी लोकप्रियता थी. वह एकता की मिसाल थे. वहीं न्यायप्रियता में अग्रणी थे. उन्होंने कहा कि उनके मशाल को जलाये रखना है तथा समाज में एकता बनाये रखना है. उनकी सभी व्यवस्थाओं में समाज के सभी लोगों की महत्ती भूमिका थी. पूरा समाज उनके समर्थन में खड़ा रहता था.
आजादी पार्क को भी किया गया है विकसित
उन्होंने कहा कि पटना के हार्डिंग पार्क का नाम बदलकर वीर कुंवर सिंह आजादी पार्क किया गया है. उसे काफी आकर्षक ढंग से विकसित किया गया है तथा वीर बांकुड़ा कुंवर सिंह की प्रतिमा स्थापित की गयी है.
आजादी पार्क में आजादी की लड़ाई में भाग लेने वाले अन्य सेनानियों का भी चित्र के माध्यम से उसमें स्थान दिया जायेगा.
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